हाथों से बना रहीं राखियां बाजार में बन गई है डिमांड, आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं खैरा की कोमल, कई लड़कियों को कर चुकी हैं प्रशिक्षित
जमुई जिले के खैरा बाजार की कोमल गुप्ता अपने हुनर को रोजगार का जरिया बनाकर महिला आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। वह हैंडमेड राखियों का कारोबार कर रही हैं और अबतक एक हजार से अधिक राखियां बेच चुकी हैं, साथ ही कई लड़कियों को प्रशिक्षित भी कर रही हैं।
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