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हवन की रस्म को बताया था ‘छुआछूत’, उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ हुई FIR

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हवन की रस्म को बताया था ‘छुआछूत’, उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ हुई FIR

Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली सीट से लोकसभा के सांसद राहुल गांधी बड़ी मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं. उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी कोतवाली पुलिस स्टेशन में रविवार (30 अगस्त, 2026) को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

यह FIR स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित एक शुद्धिकरण अनुष्ठान पर उनकी कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई है. दावा किया जा रहा है कि हवन की रस्म को ‘छुआछूत’ बताया था.

हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक (शहर) मनोज कुमार कात्याल ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि जवाहर नगर कॉलोनी के निवासी अमित कुमार की शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है और मामले की गहन जांच चल रही है.

SC समुदाय से हैं शिकायतकर्ता अमित कुमार (26) ने खुद को अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) समुदाय का सदस्य और स्थानीय ट्रस्ट, ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ का पदाधिकारी बताया है.

कौन-कौन सी लगाई गईं धाराएं यह मामला SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196 (वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 299 के तहत दर्ज किया गया है.

राहुल गांधी ने की थी छुआछूत पर टिप्पणी शिकायतकर्ता का आरोप है कि 29 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने तथ्यों की पुष्टि किए बिना सफाई और हवन की रस्म को गलत तरीके से छुआछूत और अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अत्याचार बताया.

यहां पर बता दें कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के बाद आयोजित कथित ‘शुद्धिकरण’ से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले सप्ताह से लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला था.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इसकी जड़ में बीजेपी की विचारधारा है, बहाने, अफसोस या शब्दों के हेर-फेर से असल समस्या को छिपाया नहीं जा सकता. यह घटना बीजेपी की लीडरशिप और विचारधारा की गहरी भेदभावपूर्ण सोच को दिखाती है।

हमें इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बचने नहीं देना चाहिए.

📡 स्रोत: NewsData.io

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