HDFC के बाद अब ICICI बैंक पर LIC का दांव, सोमवार को फोकस में रहेंगे दोनों स्टॉक्स
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सोमवार को कारोबार के दौरान दो बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजरें बनी रहेंगी. इनमें से एक है LIC (Life Insurance Corporation) और दूसरा है ICICI Bank.
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी LIC को प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज ICICI Bank में अपनी कुल हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.99% तक करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है.
शनिवार को ICICI बैंक द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, RBI ने यह मंजूरी 4 सितंबर 2026 को दी है इसलिए जब सोमवार (7 सितंबर 2026) को दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडिंग शुरू होगी, तो ये दोनों शेयर निवेशकों के रडार पर सबसे ऊपर रहेंगे.
ICICI बैंक में LIC की कितनी है हिस्सेदारी?
अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए ICICI बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, LIC के पास ICICI बैंक के 31,18,17,010 शेयर हैं, जो बैंक के नेट पेड-अप कैपिटल का 4.35% है.
यह ICICI बैंक में इंश्योरेंस कंपनियों की कुल हिस्सेदारी का आधे से ज्यादा है.
अब रिजर्व बैंक की इस नई मंजूरी के बाद एलआईसी के पास ICICI बैंक में अपनी हिस्सेदारी को दोगुने से भी अधिक (अतिरिक्त 5.64%) करने का कानूनी रास्ता साफ हो गया है.
जून 2026 तिमाही तक ICICI बैंक में इंश्योरेंस कंपनियों की हिस्सेदारी 8.24% थी.
ICICI बैंक में हिस्सेदारी रखने वाली एक और बड़ी इंश्योरेंस कंपनी SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड है. SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की ICICI बैंक में 1.43% हिस्सेदारी है.
RBI ने क्या रखी है शर्त?
बता दें कि LIC और ICICI के बीच हुई यह बड़ी कॉर्पोरेट डील कुछ शर्तों और मंजूरी के अधीन है.
सबसे पहले शर्त यह है कि LIC को 4 सितंबर 2027 से पहले यानी कि अगले एक साल के भीतर अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीद की यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आरबीआई की यह मंजूरी रद्द हो जाएगी.
साथ ही निवेशकों को इस बात का भी खास ध्यान रखना है कि रिजर्व बैंक द्वारा दी गई एक 'नियामक मंजूरी' है, इसका मतलब यह जरूरी नहीं है कि एलआईसी तुरंत पूरे 9.99% शेयर खरीद ही लेगी.
एलआईसी को बाजार मूल्यांकन के हिसाब से ध
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar