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हिमाचल: बार-बार खाना मांगने पर आठ साल की बच्ची की मां ने कर दी हत्या, गिरफ्तार; पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हिमाचल: बार-बार खाना मांगने पर आठ साल की बच्ची की मां ने कर दी हत्या, गिरफ्तार; पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज

हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के दखड़ू माजरा में सोमवार सुबह एक आठ वर्षीय बच्ची की अचानक मौत की घटना ने स्थानीय जनता को स्तब्ध कर दिया। बच्ची की मृत्यु के कारणों को लेकर अभी तक स्पष्टता नहीं मिली है, पर पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने उसकी माँ को हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया है। इस लेख में हम उपलब्ध तथ्यों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करेंगे।

घटना के दिन, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नंदगांव निवासी रोशन लाल अपने परिवार के साथ दखड़ू माजरा के किराये के मकान में रह रहा था। सुबह के समय से ही रोशन लाल की पत्नी अपने आठ वर्षीय बेटी पर गुस्सा दिखा रही थी। पिता ने बताया कि माँ ने बच्ची को भोजन नहीं दिया और उसके साथ शारीरिक मारपीट भी की।

पिता के बयान के अनुसार, बच्ची को लगातार भूखा रखा गया और कई बार मारपीट के कारण उसकी श्वास लेने में कठिनाई हुई। यह आरोप है कि माँ ने बच्ची को पर्याप्त पोषण नहीं दिया और शारीरिक अत्याचार किया, जिससे बच्ची की स्थिति बिगड़ती गई। पिता ने यह भी कहा कि माँ ने बच्ची को पानी या कोई तरल पदार्थ नहीं दिया, जिससे उसकी श्वास में बाधा उत्पन्न हुई।

प्राथमिक जांच में पुलिस ने यह अनुमान लगाया है कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई हो सकती है। हालांकि, इस अनुमान को पुष्टि करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना मृत्यु के सटीक कारण का निर्धारण नहीं किया जा सकता, इसलिए यह अभी भी एक संभावित कारण के रूप में ही माना गया है।

घटना स्थल दखड़ू माजरा के किराये के मकान में ही था, जहाँ रोशन लाल और उनका परिवार रह रहा था। पिता ने बताया कि माँ ने बच्ची को लगातार मारते‑मारते उसके श्वास मार्ग को बंद कर दिया, जिससे दम घुटने की स्थिति उत्पन्न हुई। यह विवरण पुलिस को प्रारंभिक रूप से घटना की गंभीरता समझने में मददगार रहा।

पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और माँ के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी जारी की। जांच के दौरान, पुलिस ने पिता के बयान को प्रमुख साक्ष्य के रूप में लिया और माँ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक सबूतों के आधार पर माँ को अपराधी मानते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है।

जांच के दौरान, पुलिस ने घटना स्थल की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और मृत्युकालीन परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने के अलावा कोई अन्य कारण सामने आता है, तो मामले की दिशा बदल सकती है।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और बाल संरक्षण के उपायों को सुदृढ़ किया जाएगा। महिला एवं बाल अधिकार संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए माँ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

समाज में इस घटना ने बाल शोषण और घरेलू हिंसा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। कई सामाजिक कार्यकर्ता इस बात पर बल दे रहे हैं कि घर के भीतर बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए त्वरित और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

अंत में, इस मामले की पूरी जांच अभी चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। वर्तमान में, माँ को हिरासत में रखा गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही की प्रतीक्षा है। यदि रिपोर्ट में दम घुटने की पुष्टि होती है, तो यह घरेलू हिंसा के गंभीर परिणामों को दर्शाएगा, और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से जिम्मेदार को सजा दिलाने की संभावना बनी रहेगी।

📡 स्रोत: Amar Ujala

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।