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हिमाचल में डाक सेवाओं को मिलेगी ड्रोन की रफ्तार, 36 दुर्गम रूट पर शुरू हुई डिलीवरी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हिमाचल में डाक सेवाओं को मिलेगी ड्रोन की रफ्तार, 36 दुर्गम रूट पर शुरू हुई डिलीवरी

विश्व डाक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर डाक विभाग की भावी योजनाओं और तकनीकी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ रखी गई है।

विभाग का जोर तकनीक और नवाचार के माध्यम से डाक सेवाओं को अधिक सुलभ और सरल बनाने पर है। संजय सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 18 प्रधान डाकघर, 452 उप डाकघर और 2,327 शाखा डाकघरों सहित कुल 2,797 डाकघरों का नेटवर्क है। इनमें से 2,684 डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। इस नेटवर्क के माध्यम से औसतन 2,454 लोगों और 19.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

डाक व्यवस्था के संचालन में 2,485 विभागीय कर्मचारी और 6,400 ग्रामीण डाक सेवक कार्यरत हैं।मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि इस वर्ष डाक विभाग की प्रमुख पहल ड्रोन डिलीवरी है। देश में हिमाचल प्रदेश और असम के डाक परिमंडलों में इसे लागू किया गया है। हिमाचल में 13 अगस्त को मंडी प्रधान डाकघर से रिवालसर-धार शाखा डाकघर तक पहली ड्रोन डिलीवरी शुरू की गई।

उन्होंने बताया कि पहले प्रधान डाकघर से शाखा डाकघर तक डाक का बैग पहुंचाने में बस या पैदल दो से तीन घंटे लगते थे, जबकि ड्रोन के माध्यम से यह दूरी महज 5 से 10 मिनट में तय हो रही है। इससे दुर्गम क्षेत्रों में डाक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हुई है। सुबह प्रधान डाकघर से भेजी गई डाक अब करीब 10 मिनट में शाखा डाकघर पहुंच जाती है और इसके बाद एक से दो घंटे में गांवों तक वितरित की जा सकती है।संजय सिंह के अनुसार, प्रदेश में ड्रोन डिलीवरी के लिए अब तक 110 कठिन रूट चिन्हित किए गए हैं।

इनमें से 36 रूट पर सेवा शुरू हो चुकी है और हर सप्ताह इसका विस्तार किया जा रहा है। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत 12 अक्टूबर को फिलाटेली दिवस, 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं नागरिक-केंद्रित सेवाएं दिवस, 14 अक्टूबर को डाक एवं पार्सल दिवस और 15 अक्टूबर को तकनीक एवं नवाचार दिवस मनाया जाएगा।

इस दौरान कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए तकनीक संबंधी क्विज आयोजित करने के साथ ड्रोन डिलीवरी पर भी चर्चा की जाएगी।संजय सिंह ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सेवाओं की गति और पहुंच बढ़ाना है, ताकि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को भी समय पर डाक सेवाओं का लाभ मिल सके।

बाइट - संजय सिंह, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल

💡 पृष्ठभूमि (Background)

हिमाचल प्रदेश में डाक सेवाओं में ड्रोन के उपयोग की शुरुआत हुई है, जिससे 36 दुर्गम रूट पर डिलीवरी संभव हो गई है। यह कदम डाक विभाग की तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्व डाक दिवस के अवसर पर यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में डाक पहुँच को तेज़ और सुलभ बनाती है। जनता के लिए इसका असर यह होगा कि दूतावास, सरकारी दस्तावेज़, और पार्सल जैसी सेवाएँ अब समय पर और बिना देरी के मिलेंगी, जिससे संचार और व्यापार में सुगमता आएगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।