राजनीति

हिमाचल में अब किसानों को सोसाइटियों के माध्यम से यूरिया खाद के साथ जबदस्ती नहीं दी जाएगी नैनो यूरिया

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

सदन में कृषि मंत्री ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर दिया जवाब

अगस्त 31, शिमला (हिमाचल प्रदेश): कृषि मंत्री चंद्र कुमार में सदन में नियम 62 के अंतर्गत कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया की ओर से डिपो होल्डर्स द्वारा किसानों को सामान्य यूरिया बैग के साथ 'नैनो यूरिया प्लस' खरीदने के लिए मजबूर किए जाने के मामले में सदन का लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर अधिकारियों को जबरदस्ती नैनो यूरिया प्लस न देने के निर्देश दिए हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसे कोई निर्देश नहीं है कि यूरिया के साथ नैनो यूरिया को भी किसानों को जबरदस्ती खरीदने पर विवश किया जाए। उन्होंने कहा कि इफ्को की ओर से भी ऐसा लेटर दिया गया है।जिसमें किसानों को जबदस्ती नैनो यूरिया नहीं देने की बात कही गई है। इसको लेकर हिमफैड को भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

भवानी सिंह पठानिया ने सदन में कहा कि कॉपरेटिव सोसाइटियों से यूरिया लेने पर किसानों को नैनो यूरिया बोतल भी लेनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि यूरिया का कट्टा 270 रुपए है।वहीं, 225 रुपए की नैनो यूरिया की बोतल किसानों को जबरदस्ती चिपकाई जाती है जो किसानों के लिए किसी काम की नहीं है उन्होंने इस मामले पर जांच के लिए सदन की कमेटी का गठन किए जाने की भी मांग रखी।

उत्तर देते समय कृषि मंत्री चन्द्र कुमार द्वारा नैनो यूरिया पर प्रधानमंत्री की तरफ से विज्ञापन दिए जाने का भी जिक्र किया। जिस पर सदन ने विपक्ष ने विरोध जताया।इस दौरान सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष में नोंकझोंक भी हुई।ए

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