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हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विशेषज्ञ समिति गठित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विशेषज्ञ समिति गठित

हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और एआईएमएसएस चमियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी स्पेशलाइज्ड विभाग स्थापित करने के प्रस्ताव के निरीक्षण के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।

सरकार के मुताबिक प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जटिल, दुर्लभ और गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ एवं बहु-विषयक उपचार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे मरीजों को उन्नत इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञ समिति प्रत्येक सरकारी मेडिकल कॉलेज और एआईएमएसएस चमियाणा में दो से चार ऐसे विभागों की पहचान करेगी, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जा सकता है।

समिति अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ मानव संसाधन, उपकरण, प्रशिक्षण और वित्तीय जरूरतों का भी आकलन करेगी।

अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक के कुलपति डॉ. डी.के. वर्मा समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. गोपाल बेरी समेत टांडा मेडिकल कॉलेज, एआईएमएसएस चमियाणा और आईजीएमसी शिमला के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदेश में तृतीयक और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।

साथ ही चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और लक्षित चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। विशेषज्ञ समिति को दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए मरीजों को प्रदेश में ही उनके घर के नजदीक उन्नत और बहु-विषयक उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जाएगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और एआईएमएसएस चमियाणा में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह पहल राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ाने के उद्देश्य से है। इस कदम की महत्ता इस बात में है कि इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी उन्नत चिकित्सा उपचार उपलब्ध होंगे, जिससे रोगियों का इलाज समय पर और बेहतर तरीके से हो सकेगा। आम जनता पर इसका प्रभाव यह होगा कि अस्पतालों की क्षमता और सेवाओं में सुधार

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।