हिमाचल में पेंशनरों के एरियर को लेकर बड़ा फैसला, Class-III को 100% और Class-I/II को अतिरिक्त 15% भुगतान
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शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के पेंशन एरियर को लेकर नया आदेश जारी किया है। वित्त विभाग के 23 सितंबर 2026 के आदेश के अनुसार Class-III पेंशनरों को बचे हुए एरियर का 100 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा, जबकि Class-I और Class-II पेंशनरों को कुल एरियर पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा।
सरकार के नए आदेश के अनुसार Class-III कर्मचारियों को बचे हुए एरियर की पूरी राशि का भुगतान किया जाएगा। इससे पहले 21 सितंबर को जारी आदेश में 30 प्रतिशत एरियर भुगतान का प्रावधान किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है। भुगतान के बाद संबंधित पेंशनर का एरियर शेष नहीं माना जाएगा।
वहीं Class-I और Class-II कर्मचारियों को कुल एरियर का अतिरिक्त 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। यह राशि पहले दिए जा चुके एरियर के अतिरिक्त होगी। सरकार के अनुसार यह भुगतान सितंबर 2026 की पेंशन के साथ किया जाएगा, जो सामान्य प्रक्रिया के तहत अक्टूबर 2026 में पेंशनरों के बैंक खातों में जमा होगी।
एरियर की गणना के दौरान पहले से भुगतान की गई चार अंतरिम राहत और 12 महंगाई राहत की किस्तों की राशि को कुल एरियर से समायोजित किया जाएगा और इसके बाद शेष यानी नेट राशि का भुगतान किया जाएगा। वित्त विभाग के नए आदेश के बाद 21 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन को निरस्त माना जाएगा। यदि किसी पेंशनर को पहले निर्धारित राशि से अधिक भुगतान हुआ है, तो उस अतिरिक्त राशि को भी एरियर में समायोजित किया जाएगा।
सरकार ने सभी संबंधित बैंकों और पेंशन वितरण प्राधिकरणों यानी PDA को निर्देश दिए हैं कि पात्र पेंशनरों को निर्धारित समय पर एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के पेंशन एरियर पर नया आदेश जारी किया है। यह आदेश Class-III पेंशनरों के लिए बचे हुए एरियर का 100% भुगतान और Class-I/II पेंशनरों के लिए अतिरिक्त 15% राशि तय करता है। यह निर्णय पेंशनधारकों के लिए आर्थिक राहत का संकेत है, क्योंकि इससे उनकी आय में स्थायी बढ़ोतरी होगी। जनता के लिए इसका अर्थ है कि पेंशन पर निर्भर परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है, जिससे जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।