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हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत युवा संवाद’ आयोजित 150 से अधिक युवाओं की सहभागिता; विकसित भारत के निर्माण में ज्ञान, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत युवा संवाद’ आयोजित 150 से अधिक युवाओं की सहभागिता; विकसित भारत के निर्माण में ज्ञान, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका पर जोर

विकसित भारत के निर्माण में ज्ञान, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका पर जोर

पालमपुर, 21 सितंबर, 2026: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में छात्र कल्याण संगठन एवं विश्वविद्यालय अध्ययन मंडल के संयुक्त तत्वावधान में ‘विकसित भारत युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा विकसित भारत के लक्ष्य में उनकी सक्रिय भागीदारी पर संवाद एवं विचार-विमर्श करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. एस. के. यादव, निदेशक, सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IHBT) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए देश के विकास में युवाओं की सक्रिय एवं रचनात्मक भूमिका पर बल दिया। उन्होंने युवाओं से ज्ञान, नवाचार, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

इस दोरान कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. योगेन्द्र प्रताप धामा, अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला ने ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से ‘पंच परिवर्तन’-सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण तथा नागरिक कर्तव्य को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और राष्ट्र के समग्र विकास में उनकी सक्रिय एवं रचनात्मक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा राष्ट्र निर्माण, युवा शक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं विकसित भारत से जुड़े विभिन्न विषयों परअपने विचार साझा किए।

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने युवाओं की भूमिका तथा देश के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. कमल देव, डॉ. राजन कटोच, डॉ. अंजलि सूद, डॉ. राकेश चौहान तथा श्री अजीत कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर छात्र कल्याण अधिकारी प्रो.

जय देव ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा 37 करोड़ ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रहित में उपयोग करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।