हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जेबीटी-टीजीटी के 5,209 पद खाली, अकेले जेबीटी के 4,019 पद रिक्त
एक शिक्षक के सहारे चल रहे 3,214 प्राइमरी स्कूल अगस्त 31, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जेबीटी और टीजीटी के कुल 5,209 पद खाली हैं। इनमें सबसे अधिक 4,019 रिक्तियां जेबीटी की हैं। टीजीटी कला के 646, टीजीटी नॉन मेडिकल के 318 और टीजीटी मेडिकल के 226 पद खाली हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को विधानसभा में विधायक पवन कुमार काजल, हंस राज, जीत राम कटवाल और दलीप ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेबीटी के 20,116 स्वीकृत पदों में से 14,132 पद भरे हुए हैं।
टीजीटी कला के 8,486 स्वीकृत पदों में 7,582, टीजीटी नॉन मेडिकल के 5,165 में 4,613 और टीजीटी मेडिकल के 3,068 स्वीकृत पदों में 2,828 पद भरे हुए हैं। इस तरह इन चारों श्रेणियों में कुल 36,835 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 29,155 भरे हुए और 5,209 पद खाली हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 31 जुलाई 2026 तक टीजीटी के कुल 1,190 पद रिक्त थे। इनमें से 764 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इनमें 13 पद बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरे जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में टीजीटी के इन 13 पदों के अलावा किसी अन्य पद के लिए बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया जारी नहीं है।
बैचवाइज भर्ती के लिए अलग से वार्षिक या समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी करने का प्रस्ताव भी अभी विचाराधीन नहीं है। शिक्षा मंत्री के अनुसार स्वीकृत पदों में बैचवाइज कोटे के तहत निर्धारित पदों में से वर्ष 2024 में जेबीटी के 1,161 और टीजीटी के 1,042 पद भरे जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया जारी है। शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश में 3,214 राजकीय प्राथमिक विद्यालय और 101 राजकीय माध्यमिक विद्यालय एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।
इसके अलावा 393 राजकीय प्राथमिक स्कूल और तीन राजकीय माध्यमिक स्कूल प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षकों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर हर 12 बच्चों पर एक शिक्षक, माध्यमिक स्तर पर 11 बच्चों पर एक शिक्षक और उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर 10 बच्चों पर एक शिक्षक है।
प्रदेश के 6,297 प्राथमिक स्कूलों में एनटीटी प्री-प्राइमरी शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम ने 14 एजेंसियों को साक्षात्कार कराने का काम सौंपा था और इन एजेंसियों ने साक्षात्कार भी कराए। योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी पद नहीं भरे जा सके।
सरकार भविष्य में डाइट के माध्यम से एनटीटी प्रशिक्षण शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। एनटीटी भर्ती के मामले में 6,297 पदों में से अभी तक 518 पदों पर भर्ती की जा चुकी है और भर्ती प्रक्रिया जारी है।