हिमालय ने दिखाया रौद्र रूप, बना तबाही का मंजर, जानिए नेपाल की जुबानी

Nepal Floods: नेपाल में 26 अगस्त को आई तबाही ने कई इलाकों की तस्वीर बदल दी. कहीं पूरा बाजार मलबे में दब गया तो कहीं घर, सड़कें, पुल और सरकारी इमारतें सैलाब में बह गईं.
हिमालय से निकले पानी, मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों ने ऐसी तबाही मचाई कि कई इलाकों की पहचान तक मिट गई. नुआकोट का ऐतिहासिक त्रिशूली बाजार इस तबाही की सबसे दर्दनाक तस्वीर दिखा रहा है.
कभी यहां करीब 500 घर और 2 हजार से ज्यादा लोगों की आबादी थी. लेकिन सैलाब ने बाजार के आधे से ज्यादा हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. स्कूल, मंदिर, दुकानें और मकान मलबे में दब गए. न्यूज नेशन की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो दूर तक सिर्फ मलबा और दलदल नजर आया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, त्रिशूली नदी का पानी करीब 20 से 25 फीट ऊपर तक पहुंच गया था.
पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर, बोल्डर और भारी मात्रा में कीचड़ आया, जिसने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया. ‘जान बच गई, लेकिन घर में कुछ नहीं बचा’ त्रिशूली बाजार में रहने वाली मीना लामा की कहानी इस तबाही का दर्द बयां करती है. वह बताती हैं कि सैलाब अचानक आया।
पहाड़ से आया मलबा उनके घर में घुस गया. पति को किसी तरह खींचकर बाहर निकाला और अपनी जान बचाई. मीना के घर के दो कमरे पूरी तरह तबाह हो चुके हैं. बेड, फ्रिज, टीवी, कूलर और घर का बाकी सामान मलबे में दबा है। उनके पास अब सिर्फ वही सामान बचा है, जिसे वे उस वक्त अपने साथ निकाल पाईं. पूरी रिपोर्ट के लिए देखिए वीडियो...
📡 स्रोत: NewsData.io