हिमालय की वादियों में गूंजा मोटरस्पोर्ट का रोमांच, Rally of Himalayas-2026 का तीसरा चरण शुरू
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लाहौल-स्पीति। हिमालय की दुर्गम और चुनौतीपूर्ण वादियों में साहस, रोमांच और मोटरस्पोर्ट का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। JK Tyre Rally of Himalayas-2026 के तीसरे चरण को आज दारचा से उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।हिमालयन एक्सट्रीम मोटरस्पोर्ट्स और एडवेंचर एक्स फ्यूजन ट्राइब के संयुक्त आयोजन में हो रही यह रैली इस वर्ष अपने छठे संस्करण में पहुंच गई है। मनाली से शुरू हुई क्रॉस-कंट्री रैली का दारचा चरण प्रतिभागियों के लिए खासा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
रैली के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ आवश्यक समन्वय किया गया है। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपात स्थिति में सहायता के लिए संबंधित विभागों को भी अलर्ट रखा गया है।वर्ष 2021 में शुरू हुई Rally of Himalayas आज देश की चुनौतीपूर्ण क्रॉस-कंट्री मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुकी है।
रैली में प्रतिभागियों की एंड्योरेंस, नेविगेशन, वाहन क्षमता और तकनीकी दक्षता की परीक्षा होती है।इस वर्ष मोटो श्रेणी में 80 राइडर, एक्सट्रीम श्रेणी में 35 प्रतिभागी और TSD श्रेणी में 24 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें महिला प्रतिभागियों के साथ सेना की पांच टीमें भी शामिल हैं।
इस वर्ष रैली का प्रमुख आकर्षण इसका पहली बार जांस्कर क्षेत्र में प्रवेश करना है। काजा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से आगे बढ़ते हुए प्रतिभागी जिस्पा और फिर जांस्कर की ओर जाएंगे। पदुम और पेंसी ला जैसे ऊंचाई वाले दुर्गम मार्गों से गुजरते हुए उन्हें कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और तेजी से बदलते हिमालयी मौसम का सामना करना होगा।रैली का यह संस्करण भारतीय मोटरस्पोर्ट के दिग्गज और पांच बार के राष्ट्रीय रैली चैंपियन हरि सिंह ‘जिप्सी किंग’ को समर्पित है।
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का पर्यटन विभाग भी Rally of Himalayas-2026 से प्रायोजक के रूप में जुड़ा है। रैली के माध्यम से जांस्कर को देश के उभरते साहसिक पर्यटन स्थलों के रूप में बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।आयोजकों ने रैली के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन लाहौल-स्पीति, पुलिस विभाग, DDMA, BRO और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग और समन्वय के लिए आभार व्यक्त किया।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हिमालय की ऊँचाइयों पर रैली का रोमांच हमें सिखाता है कि चुनौतियों का सामना धैर्य और टीमवर्क से ही संभव है। जब भी कोई संघर्ष या विवाद उत्पन्न हो, तो शांत संवाद और कानूनी मार्ग अपनाना बेहतर है। हिंसा और गुस्सा कभी समाधान नहीं देते, बल्कि केवल समस्याओं को बढ़ाते हैं। समाज को एकजुट होकर, सहानुभूति और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि हर किसी का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल हो।