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हिंदी दिवस पर स्वराज्य और स्वबोध की अवधारणा पर मंथन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हिंदी दिवस पर स्वराज्य और स्वबोध की अवधारणा पर मंथन

वाराणसी में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के दर्शन संकाय की ओर से हिंदी दिवस पर ‘स्वराज्य, स्वबोध और भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर विशेष व्याख्यान एवं विचार-विमर्श आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता स्वामी माधवप्रियदास ने कहा कि स्वराज्य का आधार स्वबोध और अपनी भाषा-संस्कृति के प्रति गौरव-बोध है। वक्ताओं ने भारतीय भाषाओं को अस्मिता, संस्कार और ज्ञान-परंपरा का वाहक बताते हुए भारतीय ग्रंथों के संरक्षण और डिजिटलीकरण पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्वामी माधवप्रियदास द्वारा रचित ग्रंथ का लोकार्पण भी किया गया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।