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हिसुआ में प्रणय हत्याकांड के बाद प्रशासन सख्त, धारा 163 लागू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हिसुआ में प्रणय हत्याकांड के बाद प्रशासन सख्त, धारा 163 लागू

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हिसुआ में प्रणय हत्याकांड के बाद प्रशासन सख्त, धारा 163 लागू

प्रणय भारती हत्याकांड के बाद हिसुआ में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर प्रशासन सख्त है। 7 से 20 सितंबर तक धारा 163 लागू कर सभा-जुलूस पर रोक लगाई गई है।

08 सितंबर , हिसुआ (नवादा , बिहार) : हिसुआ में प्रणय कुमार भारती उर्फ पीयूष हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। घटना के बाद हुए जुटान और कथित आपत्तिजनक एवं भड़काऊ बयानबाजी को लेकर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी और मोनू सिंह समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है। दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मोनू सिंह के खिलाफ दर्ज मामला घटना के बाद हुई गतिविधियों और कथित आपत्तिजनक बयानबाजी से संबंधित है। वहीं, पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी के खिलाफ साइबर थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामला ऐसी सामग्री के प्रसार से जुड़ा है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। आरोपों की जांच जारी है।

7 से 20 सितंबर तक निषेधाज्ञा

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत 7 से 20 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों और अफवाह फैलाने वाली सामग्री के प्रसार पर भी सख्ती की चेतावनी दी है।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या तनाव बढ़ाने वाली सामग्री के प्रसार को रोका जा सके।

मुख्य आरोपित ने किया आत्मसमर्पण

प्रणय हत्याकांड के मुख्य आरोपित नीरज कुमार उर्फ कारू डॉन ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। इससे पहले पुलिस ने उसके घर पर इश्तेहार भी चस्पा किया था।

बता दें कि 1 सितंबर को हिसुआ थाना क्षेत्र के पांचूगढ़ में दो पक्षों के बीच गोलीबारी की घटना में प्रणय भारती की मौत हो गई थी, जबकि चंदन कुमार और अखिलेश कुमार घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और पुलिस लगातार जांच एवं छापेमारी कर रही है।

प्रशासन का जोर अब हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ हिसुआ में शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर है।

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Caption : प्रणय भारती हत्याकांड के बाद हिसुआ में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर प्रशासन सख्त है। 7 से 20 सितंबर तक धारा 163 लागू कर सभा-जुलूस पर रोक लगाई गई है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

प्रणय भारती के दुःखद हत्याकांड ने हमें यह सिखाया कि हिंसा का कोई समाधान नहीं होता। संघर्षों का सामना कानूनी मार्ग, संवाद और सहानुभूति से करना चाहिए। समाज में सहिष्णुता और सहकारिता को बढ़ावा देकर हम ऐसे त्रासदियों को रोक सकते हैं। पीड़ित के परिवार के प्रति गहरी संवेदना रखते हुए, हमें मिलकर शांति और न्याय की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।