होर्मुज को लेकर ट्रंप ने अब इस देश को दी धमकी, कहा- 'बीच में आया तो बमबारी से कर देंगे तबाह'

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है. ऐसे में ओमान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने एक फोन इंटरव्यू में चेतावनी दी कि अगर ओमान ईरान के साथ अमेरिकी प्रयासों के रास्ते में आया, तो अमेरिका उसके खिलाफ भारी सैन्य कार्रवाई कर सकता है. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ओमान ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. चर्चा का एक प्रमुख मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को दोबारा सामान्य करना है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. जहां से वैश्विक आपूर्ति का करीब 20 फीसदी तेल का आयात होता है. होर्मुज को लेकर ईरान-ओमान बातचीत बता दें कि ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तेहरान और मस्कट जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि जहाजों के आवागमन से जुड़े मार्ग के नक्शे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है. उनके मुताबिक, संयुक्त घोषणा से पहले समझौते के कुछ तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. ओमान ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया है. ओमान की स्थिति इस मामले में खास है. ओमान होर्मुज के दक्षिणी हिस्से के करीब स्थित है और खुद को संघर्ष में तटस्थ पक्ष बताता रहा है. इसके बावजूद उसे ईरान से जुड़े हमलों का सामना करना पड़ा है. अब वही देश जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की कोशिशों में महत्वपूर्ण मध्यस्थ बन गया है. अमेरिका-ईरान समझौते पर भी सवाल अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुए समझौते का उद्देश्य संघर्ष को रोकना और होर्मुज के रास्ते समुद्री यातायात को कम से कम आंशिक रूप से बहाल करना था. हालांकि, दोनों पक्षों के बीच दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद यह व्यवस्था प्रभावी नहीं रह सकी. 8 जुलाई को ट्रंप ने भी घोषणा की थी कि संघर्षविराम समाप्त हो चुका है. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया. ट्रंप ने समझौता अवधि बढ़ाने से किया इनकार सोमवार को जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह समझौते की अवधि बढ़ाने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने इससे इनकार किया. इसी दौरान उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह भी दोहराया कि उनका सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके. IRGC के साथ गुप्त संपर्क का दावा फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने यह दावा भी किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के साथ सीधा बैकचैनल संपर्क मौजूद है. हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया गया. IRGC के एक प्रवक्ता ने ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम से कहा कि संगठन के अधिकारियों और अमेरिकी पक्ष के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है. उन्होंने ट्रंप के बयान को निराधार बताया. ट्रंप ने बातचीत के दौरान ईरान को लेकर यह भी संकेत दिया कि वह संघर्ष को समाप्त करने के लिए जल्दबाजी में नहीं हैं. उन्होंने ईरानी पक्ष को बातचीत में कुशल बताते हुए कहा कि उनके पास कोई तय समयसीमा नहीं है. ये भी पढ़ें: 'भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमसे पूछा कि...' ट्रंप ने क्यों लिया CEC का नाम? होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है. सामान्य परिस्थितियों में वैश्विक तेल और एलएनजी व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इसलिए यहां लंबे समय तक समुद्री यातायात बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: ओमान तट के पास रिसाव के बाद सैंकड़ों वर्ग किलोमीटर में फैला तेल, समुद्री जीवों पर मंडराया खतरा
📡 स्रोत: NewsData.io