IIT बॉम्बे कैंपस-हॉस्टल से सीलिंग फैन हटेंगे:सुसाइड केस के बाद फैसला; आरोपी प्रोफेसर के समर्थन में IIT दिल्ली-मद्रास फैकल्टी, छात्र भी प्रदर्शन पर
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IIT बॉम्बे में बीटेक स्टूडेंट साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद कैंपस और हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने का फैसला लिया गया है। संस्थान में वॉल फैन पहुंचने भी लगे हैं। इस बीच साहिल की मौत को लेकर छात्रों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी है। छात्र संस्थान में जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
दूसरी तरफ आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में फैकल्टी फोरम सामने आया है। IIT दिल्ली और IIT मद्रास की फैकल्टी ने भी दुल्ला का समर्थन किया है। 18 सितंबर को हॉस्टल के कमरे में मृत मिला था साहिल साहिल रविंद्र वाकोडे 22 साल का था और IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सेकंड ईयर में पढ़ता था।
वह महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उसके मोबाइल फोन से ChatGPT इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, एग्जाम हॉल में दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल को अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए झुकते हुए देखा गया।
इसके बाद प्रोफेसर ने उससे सवाल किया और उसे अलग ले गए। साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल पहुंचा। इसके बाद बाहर नहीं आया। फिर देर शाम उसका शव फंदे से लटका मिला। 21 सितंबर के दो बड़े अपडेट 1.
प्रोफेसर दुल्ला डीन पद से हटे: IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन (एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया। हालांकि, वे संस्थान में फैकल्टी के तौर पर बने हुए हैं। 2.
दुल्ला के समर्थन में फैकल्टी का मार्च: इसी दिन IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने दुल्ला के समर्थन में कैंपस में मार्च निकाला। फोरम ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले उनके खिलाफ किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। छात्रों का प्रदर्शन भी जारी रहा। उनकी मांगें संस्थागत सुधार, जवाबदेही और छात्र कल्याण से जुड़े बदलावों को लेकर हैं।
क्राइम ब्रांच CCTV की जांच कर रही मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। टीम परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच कर रही है। परिवार ने CCTV और दूसरे सबूत उपलब्ध कराने की मांग की है। उसका कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। परिवार ने जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए साहि
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
साहिल की मृत्यु ने हमें यह सिखाया कि सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। जब खतरे के संकेत मिलें, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएँ—उदाहरण के लिए, फैन को हटाकर सुरक्षित विकल्प अपनाएँ। छात्रों की आवाज़ को गंभीरता से सुनें और जवाबदेही को मजबूती दें। इस घटना से प्रेरित होकर हम सभी को सहानुभूति, पारदर्शिता और सामूहिक जिम्मेदारी की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।