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IIT बॉम्बे में स्टूडेंट ने की आत्महत्या:एग्जाम में ChatGPT इस्तेमाल करता पकड़ा गया था; 2026 में कॉलेज में सुसाइड का तीसरा मामला; कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
IIT बॉम्बे में स्टूडेंट ने की आत्महत्या:एग्जाम में ChatGPT इस्तेमाल करता पकड़ा गया था; 2026 में कॉलेज में सुसाइड का तीसरा मामला; कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन

IIT बॉम्बे के सेकेंड ईयर के स्टूडेंट ने शुक्रवार शाम आत्महत्या कर ली। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ता था। इससे पहले, वह दिन में एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। IIT बॉम्बे के मुताबिक, उसने क्वेश्चन पेपर ChatGPT पर अपलोड किया था। IIT बॉम्बे का दावा है कि इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

घटना के बाद वह अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था, जहां बाद में शाम को वह मृत मिला। 2026 में ये IIT बॉम्बे के कैम्पस में सुसाइड का तीसरा मामला है। IIT बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन की तस्वीरें… 2026 में सुसाइड के 3 मामले फरवरी 2026: हॉस्टल 4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने सुसाइड किया। जुलाई 2026: नया सेमेस्टर शुरू होते ही हॉस्टल 4 में 20 वर्षीय बी.टेक सेकेंड ईयर छात्र ने जान दे दी।

18 सितंबर 2026: पवई कैंपस में परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र से बात कर समझाया गया था IIT बॉम्बे के अनुसार, प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से इस मामले पर बात की थी। दोनों ने उसे समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना से उसके अकादमिक करियर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।

इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया। बाद में शाम को वह कमरे में मृत मिला। IIT बॉम्बे ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया। संस्थान ने कहा कि वह छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, फैकल्टी सदस्यों और घटना से प्रभावित अन्य लोगों को मदद दे रहा है। संस्थान ने कहा, “मौत से जुड़ी परिस्थितियों की उचित अधिकारी जांच कर रहे हैं।” IIT बॉम्बे में स्टूडेंट वेलनेस सेंटर मौजूद IIT बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) मौजूद है।

यहां छात्र पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद ले सकते हैं। इसके लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल या 022-2576-9070 पर फोन करके समय लिया जा सकता है। अगर कोई छात्र बात-बात पर चिड़चिड़ा हो रहा है, पढ़ाई छोड़ रहा है, खुद को कमरे में बंद रखता है, कम खाता-सोता है या हमेशा निराशा भरी बातें करता है, तो यह भारी मानसिक तनाव की निशानी है।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

IIT बॉम्बे की इस त्रासदी से यह सिखना चाहिए कि तकनीक की सुविधा का दुरुपयोग न केवल शैक्षणिक मानकों को कमजोर करता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। छात्रों को आत्म-निर्भरता और समय प्रबंधन की सीख देनी चाहिए, साथ ही संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य संसाधन और परामर्श सेवाएँ सुदृढ़ करनी चाहिए। जब भी दबाव बढ़े, तो सहायता माँगना साहस का प्रतीक है, न कि कमजोरी।

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