राज्य

IIT-BHU प्रोफेसर ने रूस में पेश किया ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग पर शोध

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
IIT-BHU प्रोफेसर ने रूस में पेश किया ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग पर शोध

वाराणसी। IIT (BHU) के मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर कमलेश कुमार सिंह ने रूस के नालचिक में आयोजित GEO-SUSTAINABILITY BRICS 2026 अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग पर अपना शोध प्रस्तुत किया। उन्हें सम्मेलन में प्लेनरी स्पीकर और इंटरनेशनल साइंटिफिक कमेटी के सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया था।प्रो.

सिंह के शोध में इलेक्ट्रॉनिक कचरे से मूल्यवान धातुओं की पुनर्प्राप्ति पर जोर दिया गया। अध्ययन के अनुसार, डिलैमिनेटेड PCB से 100% कॉपर और 92% गोल्ड रिकवरी हासिल की गई, जबकि टैंटलम कैपेसिटर से 99% मैंगनीज रिकवरी और 99.6% शुद्धता दर्ज की गई।शोध में हाइड्रोमेटलर्जी, बायो-हाइड्रोमेटलर्जी, इलेक्ट्रोविनिंग, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन और पॉलिमर इंक्लूजन मेम्ब्रेन जैसी तकनीकों के एकीकृत उपयोग का प्रस्ताव दिया गया है।

इसका उद्देश्य ई-वेस्ट से संसाधनों की अधिकतम रिकवरी और जीरो-वेस्ट एवं टिकाऊ पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में योगदान देना है।सम्मेलन में BRICS देशों सहित विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने पर्यावरणीय स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन पर विचार-विमर्श किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ई‑वेस्ट रिसाइक्लिंग वह प्रक्रिया है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कचरे से सोना, चांदी, टिन आदि जैसी मूल्यवान धातुओं को निकाला जाता है। यह शोध भारत के IIT‑BHU के प्रोफेसर कमलेश कुमार सिंह ने रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किया। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्व में हर साल करोड़ों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसे सही तरीके से निपटाना न केवल पर्यावरण के लिये आवश्यक है, बल्कि कच्चे माल की कमी को भी कम कर सकता है। यदि यह तकनीक व्यापक रूप से अपनाई जाती है तो आम जनता को किफायती इलेक्ट्र

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।