इजरायल में आज संसदीय चुनाव, नेतन्याहू के सामने सत्ता बचाने की चुनौती
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अक्टूबर 27, नई दिल्ली: इजरायल में आज संसदीय चुनाव के लिए मतदान होगा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने सत्ता में बने रहने की चुनौती है। चुनाव में सरकार की सुरक्षा नीति, गाजा में जारी युद्ध और घरेलू व विदेश नीति से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था और सरकार के फैसले भी चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं।
नेतन्याहू की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी को विपक्षी नेताओं से कड़ी चुनौती मिल रही है। इनमें पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट और पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट शामिल हैं।
इजरायल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुनाव होते हैं। देश की संसद को नेसेट कहा जाता है, जिसमें कुल 120 सीटें हैं। संसद में प्रतिनिधित्व हासिल करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को कम से कम 3.25 प्रतिशत वोट प्राप्त करना जरूरी है।
बेंजामिन नेतन्याहू 1996 से अब तक अलग-अलग कार्यकालों में करीब 19 साल तक प्रधानमंत्री रह चुके हैं। इस चुनाव में लगभग 73 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। चुनाव के नतीजे इजरायल की आगामी राजनीतिक दिशा और सरकार की नीतियों को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
फ़ाइल फ़ोटो