इलॉन मस्क बोले- स्टारलिंक को 165 देशों में मंजूरी:भारत में लाइसेंस क्यों नहीं; राहुल गांधी ने कहा- वेलकम टू इंडिया मस्क
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इलॉन मस्क के भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक को रोकने के आरोपों पर राहुल गांधी ने जवाब दिया है। राहुल ने X पर लिखा- भारत में आपका स्वागत है, इलॉन। दूसरे शख्स के मिलने तक इंतजार कीजिए। इसके जवाब में मस्क ने कहा- धन्यवाद, राहुल। यह वाकई परेशान करने वाला है। मस्क ने गुरुवार को कहा कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में सेवा देने की मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी पिछले पांच साल से भारत सरकार के हर कानून और जरूरी शर्त का पालन कर रही है। इसके बावजूद उसे भारत में सेवा शुरू करने का लाइसेंस क्यों नहीं मिला है?
क्या अंबानी देश के रियल बॉस हैं। 7 अक्टूबर: मस्क का भेदभाव का आरोप इससे पहले इलॉन मस्क ने बुधवार को आरोप लगाया था कि भारत के कुछ बड़े बिजनेसमैन नहीं चाहते कि स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट भारत आए, ताकि उनका एकछत्र राज बना रहे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं…' मस्क ने पोस्ट में यह भी लिखा कि यह भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है।
मस्क ने किसी कंपनी या उद्योगपति का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनकी पोस्ट से भारतीय टेलीकॉम कंपनियों के बीच बहस छिड़ गई है। मस्क का इशारा भारत के उन टेलीकॉम और बिजनेस घरानों की तरफ माना जा रहा है, जो स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के नियमों और सुरक्षा चिंताओं को लेकर सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों का विरोध या कड़ी शर्तों की मांग कर रहे हैं।
8 अक्टूबर : सरकार ने आरोप खारिज किए भारत सरकार ने गुरुवार को मस्क के आरोपों को खारिज कर दिया था। सरकार ने कहा था कि देश में सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सर्विसेज के लिए तय नियम सभी के लिए एक जैसे हैं। यह कहना बिल्कुल गलत है कि नियमों को किसी के साथ भेदभाव करने के लिए लागू किया जा रहा है। सरकार ने बयान में कहा था कि फिलहाल इन तीनों के लिए सुरक्षा समीक्षा की प्रोसेस चल रही है।
जैसे ही किसी कंपनी की सुरक्षा जांच पूरी हो जाएगी, वह अगली स्टेप यानी स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग करने के लिए आगे बढ़ सकती है। वर्तमान में तीनों ही कंपनियां रेगुलेटरी प्रक्रिया के एक ही चरण में हैं। देश भर में 20 स्टेशन और सैकड़ों एंटीना तैनात स्टारलिंक ने देशभर में 20 गेटवे साइट्स बनाई गई हैं।
ये गेटवे जमीन पर बने स्टेशन हैं, जो अंतरिक्ष में मौजूद स्टारलिंक के सैटेलाइट्स को जमीन के मुख्य इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ते हैं। इन जगहों पर सैकड़ों एंटीना
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
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