Illinois Hindu Temple साजिश पर MEA सख्त, प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने सुरक्षा मांगी
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विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को इलिनोइस के ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी (mass shooting) करने की कथित साजिश पर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि यह घटना अमेरिका में "नस्लीय शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत" को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ाती है। साथ ही, वहां भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
इस कथित घटना के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लीय स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात भी शामिल है, बेहद चिंताजनक है। जायसवाल ने कहा, "इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरों से हम बेहद चिंतित हैं।
इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लीय स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात भी शामिल है, विशेष रूप से चिंताजनक है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया है, जिसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और हिरासत, तथा उस पर लगाए गए आरोप शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा, "यह घटना अमेरिका में नस्लीय शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ाती है। भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक सतर्कता बरतने, नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाने और निर्णायक कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
" विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी अधिकारियों से इस मामले की गहन जांच करने, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का भी आग्रह किया। जायसवाल ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की पूरी जांच करेंगे, जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।
" यह बयान इलिनोइस में हिंदुओं के एक पूजा स्थल को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी (मास शूटिंग) करने की कथित साजिश के सिलसिले में 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस की गिरफ्तारी के बाद आया है। पैलेटाइन पुलिस विभाग के अनुसार, जांच की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई, जब माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग ने संभावित 'मास शूटिंग' के बारे में जानकारी साझा की।
यह जानकारी एक व्यक्ति से मिली, जिसने बताया कि उसे पैपोराकिस की ओर से चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेश मिले थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि संदिग्ध ने एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें एक हिंदू मंदिर में 'मास शूटिंग' करने की कथित योजना का विवरण था। इसके साथ ही, उसने राइफल, राइफल मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सामरिक उपकरणों (टैक्टिकल इक्विपमेंट) की तस्वीरें भी भेजी थीं।
पैपोराकिस को उसके घर से निकलते समय हिरासत में ले लिया गया। बाद में उसके घर की तलाशी लेने पर पुलिस को एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन, सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस, सामरिक उपकरण और जांच से जुड़ी अन्य चीजें मिलीं। बरामद की गई वस्तुओं में एक 'टैक्टिकल वेस्ट' (सुरक्षात्मक जैकेट) भी शामिल थी, जिसमें बॉडी आर्मर लगा था और उस पर 'श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ' (व्हाइट सुप्रीमेसिस्ट एक्सट्रीमिज्म) से जुड़े प्रतीक चिन्ह लगे थे।
📡 स्रोत: NewsData.io