इमरान मसूद बोले-गठबंधन नहीं करना है तो न करें:इकरा हसन के बयान पर पलटवार, सीट बंटवारे को लेकर सपा-कांग्रेस में बढ़ी तल्खी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। इस बीच दोनों दलों के नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है। 26 सितंबर को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सपा सांसद इकरा हसन के बयान पर पलटवार किया। इकरा हसन ने 22 सितंबर को कहा था कि यूपी में भाजपा को सपा ही हरा सकती है और कांग्रेस अकेले कुछ नहीं कर पाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि गठबंधन नहीं होने से कांग्रेस को नुकसान होगा, जबकि सपा को इससे नुकसान नहीं होगा। इसके जवाब में इमरान मसूद ने कहा- न करें गठबंधन, कौन कह रहा है?
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जिसको जो करना है, वह करे। मसूद ने आगे कहा कि जब बारात निकलती है तो कई ढोल बजाने वाले और नाचने-गाने वाले होते हैं। उन्हें अपना काम करने दीजिए, कांग्रेस अपने काम में लगी है। उनके इस बयान के बाद सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर बयानबाजी फिर तेज हो गई। ‘मामा-भांजी’ के रिश्ते की बात इमरान मसूद पहले इकरा हसन के बयान पर तल्खी कम करते हुए उन्हें उम्र में छोटी और भांजी जैसा बता चुके हैं।
लेकिन ताजा बयान में उन्होंने गठबंधन को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर जोर दिया है। मसूद का कहना है कि कांग्रेस गठबंधन के लिए किसी पर निर्भर होकर नहीं बैठी है और अपने स्तर पर चुनावी तैयारी कर रही है। उनके ताजा बयान में सीटों और गठबंधन को लेकर कांग्रेस की तरफ से बराबरी की बातचीत का संदेश भी दिखाई देता है।
सीट शेयरिंग पर अभी बातचीत बाकी सपा-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 5 सितंबर को कहा था कि प्रदेश कांग्रेस की टीम घोषित होने के बाद सपा से सीट बंटवारे पर बातचीत होगी। गौतम ने बाद में कहा कि सपा के साथ सीटों का जो भी समझौता होगा, वह सम्मानजनक और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर होगा।
इसी वजह से कांग्रेस के भीतर संगठन और संभावित सीटों की तैयारी के साथ सपा के साथ बातचीत की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। इमरान मसूद पहले भी कह चुके हैं कि कांग्रेस सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है और गठबंधन होने पर सीटों का फैसला दोनों दलों के बड़े नेता करेंगे। पश्चिमी यूपी में दोनों नेताओं की बयानबाजी चर्चा में इमरान मसूद और इकरा हसन दोनों पश्चिमी यूपी की राजनीति में सक्रिय हैं।
ऐसे में उनके बयानों को सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग और राजनीतिक हिस्सेदारी की चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। 23 सितंबर को भी दोनों नेताओं के बीच गठबंधन को लेकर बयान सामने आए थे। इमरान मसूद ने कांग्रेस के लिए अधिक सीटों की बात रखी थी, जबकि इकरा हसन ने यूपी में भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में सपा और अखिलेश यादव की भूमिका पर जोर दिया था।
सपा नेता भी कांग्रेस के बयानों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि गठबंधन का अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होना है। ताजा बयानबाजी फिलहाल नेताओं के सार्वजनिक रुख और सीट शेयरिंग को लेकर अलग-अलग दावों तक सीमित है। 2024 के लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन भी चर्चा में सीट शेयरिंग की बातचीत में 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे भी एक संदर्भ हैं।
कांग्रेस और सपा ने उस चुनाव में यूपी में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। अब विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल अपने संगठन और विधानसभा स्तर की स्थिति के आधार पर सीटों पर बातचीत करेंगे। कांग्रेस की तरफ से जहां अपने संगठन को मजबूत करने और सीटों की तैयारी की बात कही जा रही है, वहीं सपा अपने संगठन और यूपी में अपनी राजनीतिक स्थिति के आधार पर बातचीत की तैयारी कर रही है।
फिलहाल गठबंधन पर तस्वीर साफ नहीं 26 सितंबर के इमरान मसूद के बयान से गठबंधन खत्म होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। वहीं सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर भी अभी अंतिम समझौता सामने नहीं आया है। फिलहाल दोनों दलों के नेता अपने-अपने रुख सार्वजनिक कर रहे हैं। इमरान मसूद का ताजा बयान कांग्रेस की तरफ से गठबंधन को मजबूरी के बजाय बातचीत के विकल्प के तौर पर पेश करता है, जबकि इकरा हसन का बयान यूपी में सपा की राजनीतिक स्थिति पर जोर देता है।
सीटों की संख्या और सीटवार बंटवारे पर बातचीत होने के बाद ही गठबंधन की तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी।
📡 स्रोत: NewsData.io