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IND vs SL: गौतम गंभीर की टीम इंडिया के लिए कोलंबो टेस्ट का ड्रॉ होना हार जैसा? कैसे खोया सुनहरा मौका, कारण और 3 बड़ी रणनीतिक खामियां

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
IND vs SL: गौतम गंभीर की टीम इंडिया के लिए कोलंबो टेस्ट का ड्रॉ होना हार जैसा? कैसे खोया सुनहरा मौका, कारण और 3 बड़ी रणनीतिक खामियां

India vs Srilanka 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया. मैच भले ही भारत नहीं हारा, लेकिन टीम इंडिया के लिए यह ड्रॉ किसी हार से कम नहीं लग रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत के पास मैच जीतने का बहुत अच्छा मौका था.

टीम इंडिया ने पहली पारी में 503 रन बनाकर पारी घोषित की थी. इसके बाद श्रीलंका को सिर्फ 290 रन पर ऑलआउट कर दिया. भारत को 213 रन की बड़ी बढ़त भी मिली. इसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन दिया गया, लेकिन भारतीय टीम आखिरी विकेट नहीं निकाल पाई. श्रीलंका ने 154 ओवर तक बल्लेबाजी की और 9 विकेट पर 429 रन बना दिए.

आइए जानते हैं ड्रॉ के कारण और गंभीर की रणनीतिक खामियां. 1. 503 रन बनाने का फायदा नहीं मिलाभारत ने पहली पारी में 503 रन बनाए थे. इतना बड़ा स्कोर बनाने के बाद आमतौर पर टीम मैच जीतने की स्थिति में होती है.

लेकिन भारत इस बढ़त का पूरा फायदा नहीं उठा सका. श्रीलंका को 290 रन पर रोकने के बाद भारत के पास मैच खत्म करने का अच्छा मौका था. दूसरी पारी में श्रीलंका के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया. 2.

सोनल दिनूषा बने सबसे बड़ी रुकावटश्रीलंका की दूसरी पारी में सोनल दिनूषा ने भारत का खेल बिगाड़ दिया. उन्होंने 264 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 133 रन बनाए.

जब भारत लगातार विकेट की तलाश में था, तब दिनूषा क्रीज पर टिके रहे. उन्होंने अपने साथी बल्लेबाजों के साथ मिलकर मैच को भारत की पकड़ से बाहर कर दिया. भारत अगर उनका विकेट निकाल लेता, तो मैच का नतीजा शायद अलग हो सकता था. 3.

आखिरी समय में जीत की कोशिश काम नहीं आईश्रीलंका की दूसरी पारी में अगर भारत जल्दी जल्दी विकेट निकालता तो मैच का नतीजा उनके पक्ष में जा सकता था. कप्तान गिल ने गेंदबाजी में कई बदलाव किए और स्पिनरों को भी लगाया, लेकिन श्रीलंका की आखिरी जोड़ी को तोड़ नहीं पाई.

रवींद्र जडेजा और मानव सुथार ने दूसरी पारी में तीन-तीन विकेट लिए, जबकि सरांश जैन ने एक विकेट लिया. इसके बावजूद आखिरी विकेट नहीं मिला. *बड़ी रणनीतिक गलतियां शुरुआत से गेंदबाजी अच्छी नहीं: भारत की पहली बड़ी गलती यह रही कि फॉलोऑन के बाद श्रीलंका पर लगातार दबाव नहीं बनाया जा सका.

जब सामने वाली टीम के पास सिर्फ 290 रन थे, तब भारत को शुरुआत से ही विकेट लेने वाली गेंदबाजी करनी चाहिए थी. दूसरी गलती आखिरी विकेट के समय दिखाई दी. उस समय रन बचाने से ज्यादा जरूरी विकेट लेना था, इसलिए फील्ड को और आक्रामक बनाया जा सकता था.

जल्दी खत्म नहीं कर पाए मैच: तीसरी बड़ी कमी यह रही कि भारत मैच को जल्दी खत्म नहीं कर सका. 503 रन का स्कोर बनाने के बाद टीम को पता था कि उसके पास बड़ी बढ़त है.

ऐसे में श्रीलंका को दोबारा बल्लेबाजी के लिए भेजने के बाद हर ओवर को विकेट लेने के लिए इस्तेमाल करना जरूरी था. लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाज टिके रहे. गंभीर-गिल का फैसला: इस ड्रॉ से भारत को काफी निराशा होगी.

टीम के पास जीतने का सुनहरा मौका था, लेकिन एक विकेट की कमी ने पूरा मैच बदल दिया. 503 रन, 213 रन की बढ़त और श्रीलंका के 9 विकेट गिरने के बाद भी अगर मैच नहीं जीता जाए, तो इसे भारत के लिए बड़ी चूक ही कहा जाएगा. गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल की टीम को इस मैच से सीख लेकर आगे ऐसी स्थिति में बेहतर रणनीति बनानी होगी.

📡 स्रोत: NewsData.io

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