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इंदौर में अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम, योगदान को किया याद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
इंदौर में अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम, योगदान को किया याद

VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर आंदोलन और सामाजिक समरसता में सिंघल की भूमिका का किया उल्लेख

जीवन पर वृत्तचित्र का प्रदर्शन, समाजसेवियों का सम्मान

इंदौर, अक्टूबर 02: विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर इंदौर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अशोक सिंघल ने हिंदू समाज के विभिन्न पहलुओं को संवारने का कार्य किया और अपना जीवन राम मंदिर आंदोलन तथा सामाजिक समरसता के लिए समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान अनेक प्रतिबंधों के बावजूद सिंघल ने मजबूती से संघर्ष किया। आलोक कुमार ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास में पिछड़े वर्ग के व्यक्ति की भागीदारी सामाजिक समरसता का उदाहरण थी। उन्होंने सिंघल की वेदों और संस्कृत के प्रति श्रद्धा का भी उल्लेख किया।

भानपुरा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ ने उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में अशोक सिंघल के जीवन पर वृत्तचित्र दिखाया गया और समाजसेवियों का सम्मान किया गया।

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बाइट आलोक कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद

बाइट विनोद शर्मा प्रान्त मंत्री, विहिप बाइट संजय होलकर (प्रान्त सह मंत्री, विहिप

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इंदौर में आयोजित कार्यक्रम, स्वर्गीय अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता के योगदान को याद करने के लिए आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर आंदोलन और समाजिक समरसता में सिंघल की भूमिका पर प्रकाश डाला और एक वृत्तचित्र के प्रदर्शन के साथ समाजसेवियों को सम्मानित किया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि अशोक सिंघल ने हिंदू समाज में एकजुटता और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।