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इन्दौर : जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण के संबंध में संशोधित प्रावधान हुए लागू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
इन्दौर : जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण के संबंध में संशोधित प्रावधान हुए लागू

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण के संबंध में संशोधित प्रावधान हुए लागू

इन्दौर : जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (आरबीडी) अधिनियम 1969 की धारा 13 में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम 2026 (2026 का संख्या 12) के माध्यम से संशोधन किया गया है। संशोधन संबंधी प्रावधान 6 अगस्त 2026 के भारत के राजपत्र (गैजेट ऑफ इंडिया) में प्रकाशित किया गया था । संशोधित अधिनियम के प्रावधान 1 अक्टूबर, 2026 से लागू हो गये हैं।

इस संबंध में कलेक्टर एवं अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण) श्री शिवम वर्मा ने जिला स्तर पर आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेश में सभी रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण) को ‍दिशा-निर्देश दिए गए है और निर्देशित किया गया है कि प्रावधान के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की धारा 13 (3) में संशोधन विलंबित पंजीयन के लिए जारी आदेश के अनुसार किसी ऐसे जन्म या मृत्यु की सूचना जो घटना के एक वर्ष बाद लेकिन दो वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, उसका रजिस्ट्रेशन केवल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही किया जाएगा।

किसी ऐसे जन्म या मृत्यु की सूचना, जो घटना के दो वर्ष बाद रजिस्ट्रार को विलंब से दी जाती है, उसका रजिस्ट्रेशन केवल फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही किया जाएगा। संशोधित अधिनियम के प्रावधान 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। इस संबंध में कलेक्टर एवं अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण) श्री शिवम वर्मा ने जिला सत्र एवं न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे अपने अधीनस्थ न्यायालयीन प्रक्रिया अंतर्गत नियमानुसार आदेश प्रसारित करें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।