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इंदौर - म्यूल बैंक खाते और फर्जी सिम के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
इंदौर - म्यूल बैंक खाते और फर्जी सिम के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी कार्यवाही

ऑपरेशन MATRIX के तहत इंदौर क्राइम ने म्यूल बैंक खाते और फर्जी सिम के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

म्यूल खाते में 5 करोड़ रूपए से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा

04 मोबाइल फोन, 08 एक्टिव सिम, 10 बैंक पासबुक और 11 एटीएम कार्ड जब्त

मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधियों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी दिशा में पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सूचनाओं, साइबर अपराध संबंधी राष्ट्रीय डेटाबेस और संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की निगरानी के आधार पर चलाए जा रहे ऑपरेशन MATRIX के तहत इंदौर क्राइम ब्रांच ने संगठित अंतर्राज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है।

क्राइम ब्रांच ने म्यूल बैंक खाते और बैंकिंग OTP से जुड़े सिम कार्ड उपलब्ध कराकर मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में सहयोग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े एक यूको बैंक खाते में 5 करोड़ रूपए से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है तथा यह खाता देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़ा हुआ है

राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी तथा I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre), गृह मंत्रालय, भारत सरकार, NCRP एवं Cyber Crime Portal से प्राप्त डेटा के आधार पर संदिग्ध म्यूल खातों की जांच की जा रही थी।

इसी क्रम में यूको बैंक, महू शाखा, इंदौर के एक संदिग्ध खाते की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। प्रारंभिक जांच में इस म्यूल खाते से 5 करोड़ रूपए से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। इस खाते से संबंधित साइबर अपराध की शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों से सामने आई हैं, जिनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्य शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा अपने बैंक खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में उपलब्ध कराया गया था। साथ ही उसके नाम पर पंजीकृत सिम, जिस पर बैंकिंग संबंधी OTP प्राप्त होते थे, अन्‍य आरोपी को उपलब्ध कराई गई थी।

दोनों आरोपियों द्वारा इस व्यवस्था का उपयोग संगठित रूप से मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड एवं आर्थिक धोखाधड़ी में किए जाने की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर उनके संपर्क में रहे अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सिम कार्ड तथा साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से 04 मोबाइल फोन, 08 एक्टिव सिम कार्ड, 10 बैंक अकाउंट पासबुक, 11 एटीएम कार्ड, यूको बैंक का मुख्य म्यूल बैंक खाता, जिसमें 5 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया, जब्त किए गए हैं।

प्रकरण की विवेचना में आरोपियों से प्राप्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्ध व्यक्तियों तथा अंतर्राज्यीय साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े नेटवर्क के संबंध में पूछताछ एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।

मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन में सावधानी बरतें। अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, OTP अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करें अथवा National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।