इंदौर पुलिस ने लौटाए चोरी-गुम हुए 51 मोबाइल, 10 लाख के फोन पाकर खिल उठे मालिकों के चेहरे

इंदौर में जिन लोगों ने अपने मोबाइल फोन खो दिए थे, उनके लिए मंगलवार का दिन यादगार बन गया। किसी का फोन रास्ते में गुम हुआ था तो किसी का चोरी हो गया था। कई लोगों ने शायद यह उम्मीद भी छोड़ दी थी कि उनका फोन दोबारा कभी वापस मिलेगा। लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार तलाश के बाद 51 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक पहुंच गए।
फोन वापस मिलते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। इंदौर पुलिस ने 51 मोबाइल फोन किए बरामद इंदौर पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया। पुलिस के मुताबिक लोगों की ओर से दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन की जानकारी सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज की गई थी।
इन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर पुलिस टीम ने मोबाइल फोन को ट्रेस करने का काम शुरू किया। जांच के दौरान अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन की लोकेशन और तकनीकी जानकारी के आधार पर उनकी तलाश की गई।
सीईआईआर पोर्टल से मिली पुलिस को बड़ी मदद मोबाइल फोन गुम या चोरी होने के बाद उसे वापस पाने के लिए शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी होता है। इस मामले में सीईआईआर पोर्टल पुलिस के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। सीईआईआर के जरिए मोबाइल फोन की पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज की जा सकती है।
जब किसी व्यक्ति का मोबाइल गुम या चोरी हो जाता है, तो उसकी जानकारी दर्ज होने के बाद उस मोबाइल को नेटवर्क पर इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में ट्रेस करने में मदद मिल सकती है। राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु तक पहुंची मोबाइल की तलाश मोबाइल फोन चोरी होने के बाद कई बार वह दूसरे शहर या दूसरे राज्य में पहुंच जाता है।
ऐसे मामलों में सिर्फ स्थानीय स्तर पर तलाश करना काफी मुश्किल हो सकता है। इंदौर पुलिस की इस कार्रवाई में भी कुछ मोबाइल दूसरे राज्यों में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु समेत अलग-अलग राज्यों से मोबाइल फोन बरामद किए।
इससे यह भी पता चलता है कि मोबाइल चोरी या गुम होने के बाद उसकी तलाश केवल उसी इलाके तक सीमित नहीं रहती। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस दूसरे राज्यों तक पहुंच सकती है। 51 मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद अब उनके मालिकों को राहत मिली है।
जिन लोगों के लिए मोबाइल सिर्फ एक महंगा सामान नहीं बल्कि काम, पढ़ाई, बैंकिंग और निजी संपर्क का जरूरी साधन था, उनके लिए फोन वापस मिलना बड़ी बात है। डीसीपी ने मालिकों को खुद सौंपे मोबाइल मंगलवार को जोन-1 डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने अपने कार्यालय में बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे।
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को उनके मोबाइल वापस किए गए। मोबाइल वापस मिलने के दौरान लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दी। कई लोगों के लिए फोन वापस मिलना इसलिए भी खास था क्योंकि मोबाइल में जरूरी नंबर, फोटो, दस्तावेज और दूसरे निजी डेटा मौजूद होते हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io