इंदौर- सांसद निधि एवं सीएसआर फंड के माध्यम से जिले के 100 विद्यालयों में वॉटर कूलर एवं आरओ लगाये गये

बैठक में सांसद श्री लालवानी ने कहा कि सबको शुद्ध एवं पर्याप्त जल मिले इसके लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय जल मिशन के तहत नल से जल अभियान चलाया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे है। जल है तो कल है और यह हमारी पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। हेडपम्पों का संधारण किया जाये। साथ ही वॉटर रिचार्जिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये। श्री लालवानी ने कहा कि सांसद निधि एवं सीएसआर फंड के माध्यम से इंदौर जिले के शासकीय विद्यालयों में 100 से अधिक वॉटर कूलर एवं आरओ लगाये गये है।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वे 200 वॉटर कूलर एवं आरओ का प्रस्ताव बनाकर भेजें, ताकि शासकीय विद्यालयों में सभी बच्चों को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल मिल सकें। उन्होंने कहा कि जल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सभी पलम्बरों को प्रशिक्षित किया जाये, ताकि जल आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्यां न हों।
भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिये भी लगातार प्रयास किये जाये। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जिला एवं पंचायत स्तर पर सबकों जल आपूर्ति सुनिश्चित हो, इसके लिये लगातार विकास कार्य किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविरों जल आपूर्ति को लेकर लगातार कार्य किये जा रहे है और उसकी समीक्षा भी की जा रही है। बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले के 595 गांवों में से अधिकांश में जल जीवन मिशन के तहत जल आपूर्ति की जा रही है।
जिले के सभी विकासखंड में पानी की टंकियों को स्वच्छ कर भरा जा रहा है, ताकि नागरिकों को पर्याप्त जल आपूर्ति हो सकें। विकासखंडवार संपवेल द्वारा जल आपूर्ति की जा रही है। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को जल आपूर्ति के लिये दी गई राशि पर भी चर्चा हुई।
बैठक में जल जीवन मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही ग्रीष्मऋतु में पेयजल उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण जिला पंचायत के द्वारा किये जा रहे कार्यों की चर्चा की गई।
बैठक में परियोजना अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत खजुरिया में जनपद पंचायत सांवेर में नगर निगम की गौशाला में 41 लाख रूपये की लागत से गोबरगैस प्लांट की प्रशासकीय स्वीकृति जारी जारी कर कार्यपालन यंत्री को निर्माण एजेंसी बनाया गया।
जिले की 334 ग्राम पंचायतों में कचरा वाहनों के द्वारा कचरा उठाया जा रहा है और उसका निष्पादन भी किया जा रहा है। सभी जनपद में क्लस्टर भी बनाये गये है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम कें अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड के अनुसार समस्त ईकाईयों को पोर्टल पर रजिस्टर्ड किया जा रहा है।
साथ ही सभी कचरा वाहनों को जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। सभी पंचायतों में सूखा कचरा और गीला कचरा को प्रथम-प्रथक करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।