इंदौर- सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में लापरवाही पर पाँच अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई

कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ निराकृत किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री वर्मा ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज आवेदनों में से पांच प्रकरणों का रेण्डम रूप से चयन कर उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पेयजल संबंधी शिकायत के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर नगर विकास एवं आवास विभाग के सब इंजीनियर आकाश ऐरवाल तथा बिजली कनेक्शन संबंधी शिकायत में लापरवाही पाए जाने पर ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री राहुल सिंह चंदेल पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
इसी प्रकार स्कूल शिक्षा विभाग में नियुक्ति दिनांक गलत दर्ज करने तथा स्वत्वो का भुगतान समय पर नहीं करने संबंधी शिकायत में लापरवाही पाए जाने पर लेखापाल मुकुंद जमरा को निलंबित करने तथा प्राचार्य शबाना शेख को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
प्रसूति सहायता योजना संबंधी शिकायत के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. सिसोदिया पर 2 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से बंद न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करें तथा अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।