INDIA गठबंधन के मार्च से AAP की दूरी, क्या करेंगे एमके स्टालिन? कांग्रेस ने दिया अपडेट
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चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे पर देशभर में घमासान जारी है.
मंगलवार (6 अक्टूबर) को मुख्य विपक्षी इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग तक विरोध में मार्च निकालेगा. इसमें सभी सांसद शामिल होंगे.
अब जो सबसे बड़ा सवाल निकलकर आया है, वो यह है कि गठबंधन की हिस्सेदार आम आदमी पार्टी और डीएमके इस मार्च में शामिल होगी?
सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस ने मंगलवार के प्रदर्शन में डीएमके को भी इनवाइट किया है.
डीएमके ने कहा है कि हम देखते हैं. वहीं आम आदमी पार्टी ने इस मार्च में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद डीएमके को हार का सामना करना पड़ा था.
ऐसे में राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद पार्टी ने गठबंधन से नाता तोड़ लिया था.
इससे पहले 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की मीटिंग के बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं ने घोषणा की थी कि उनके सभी विपक्षी 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे.
इसमें नेता राष्ट्रपति से मिलकर वोटर एसआईआर कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे.
वहीं, कांग्रेस ने सोमवार को एक अहम बैठक दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में की. इसमें पार्टी ने आगे के अभियान की रणनीति को तय किया.
कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी ने कहा है कि प्रदर्शन आक्रमक होना चाहिए. प्रदर्शन ऐसा हो कि जनता तक मैसेज जाए. वोट चोरी देशद्रोह है. वोट चोरी का मुद्दा गांव-गांव तक पहुंचाना है.
लोगों को यह बताना है कि आपका मत छीना जा रहा है.
कांग्रेस पूरे देश में करेगी बड़े स्तर पर प्रदर्शन
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पीसीसी, प्रभारियों और महासचिवों की बैठक में राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहे.
कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिया है कि चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक अभियान जारी रखा जाए, जबतक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते. पार्टी पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगी.
इसका प्रस्तावित नारा- वोट बचाओ, देश बचाओ, दोहन रोको. 6 अक्टूबर को दिल्ली चलो यात्रा का आगाज किया जाएगा.
सीईसी-एसआईआर के मुद्दे पर लगातार कार्यक्रम हों: राहुल
राहुल ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीई
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत में चुनाव आयोग और एसआईआर के विवाद को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन ने 6 अक्टूबर को पूरे देश में मार्च की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना है, जिससे मतदाताओं की चिंताओं पर प्रकाश डाला जा सके। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित प्रमुख विपक्षी दल अपने मतदाता आधार को जुटाने के लिये सक्रिय हैं, और यदि वे सफल होते हैं तो चुनावी नियमों में बदलाव की मांग को बल मिल सकता है। जनता पर इसका असर यह हो सकता ह