India-US Defense Ties: जैवलिन मिसाइल सौदे से मजबूत होंगे संबंध, Co-production पर सर्जियो गोर का बड़ा बयान

भारत अमेरिका में बनी कंधे से दागी जाने वाली जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम (ATGM) खरीदने की योजना बना रहा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को यह घोषणा की, जो दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच रक्षा संबंधों के और मजबूत होने का संकेत है।
इसे बड़ी खबर बताते हुए गोर ने कहा कि इससे जैवलिन मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन (co-production) की संभावनाओं के रास्ते खुलेंगे। इसे भी पढ़ें: Kyiv समेत यूक्रेन के 9 शहरों पर Russia ने दागीं मिसाइलें, 2 नागरिकों की मौत गोर ने ट्वीट किया ड़ी खबर!
भारत युद्ध में परखी जा चुकी जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है... यह अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम है और इससे संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं के रास्ते खुलते हैं। हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर है।
हालांकि, अमेरिकी FGM-148 जैवलिन सिस्टम में भारत की दिलचस्पी कोई नई बात नहीं है। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और लोकल प्रोडक्शन जैसे मुद्दों की वजह से दुनिया के सबसे मशहूर एंटी-टैंक हथियारों में से एक को खरीदने की भारत की योजनाएं बार-बार रुकी हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io