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इंदौर जिला प्रशासन ने पूरे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को जल अभावग्रस्त घोषित किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
इंदौर जिला प्रशासन ने पूरे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को जल अभावग्रस्त घोषित किया

इंदौर में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध, पूरा जिला जल अभावग्रस्त घोषित

भू-जल दोहन रोकने प्रशासन का बड़ा फैसला, नियम उल्लंघन पर बोरिंग मशीनें होंगी जब्त

इंदौर जिले में गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत निजी और अशासकीय नलकूप खनन पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है।

इस वर्ष कम वर्षा और भू-जल के अत्यधिक दोहन से पेयजल स्रोतों का जल स्तर लगातार गिर रहा है। हालांकि, शासकीय योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप खनन को प्रतिबंध से छूट दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर बोरिंग मशीनें जब्त की जाएंगी और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। दोषियों को दो हजार रुपये तक जुर्माना, दो वर्ष तक कारावास या दोनों सजाएं हो सकती हैं।

प्रशासन का उद्देश्य पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

----- बाइट- शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर बाइट- कंचन सिंह चौहान ग्रामीण

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।