भोपाल

इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर सरकार का बड़ा फैसला, स्टाइपेंड में 50 फीसदी बढ़ोतरी, अब 21500 मिलेंगे, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से सफल बातचीत के बाद आंदोलन खत्म

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर सरकार का बड़ा फैसला, स्टाइपेंड में 50 फीसदी बढ़ोतरी, अब 21500 मिलेंगे, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से सफल बातचीत के बाद आंदोलन खत्म

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की डॉक्टर प्रतिनिधियों से सार्थक चर्चा, पुलिस कार्रवाई पर दो जवान लाइन अटैच; घायल छात्रों के इलाज और निष्पक्ष जांच का भरोसा

भोपाल। इंटर्न डॉक्टरों, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) की मांगों को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंटर्न्स, जूडा और एमटीए के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों और प्रदर्शन के दौरान हुई घटना पर विस्तार से बातचीत की। चर्चा के बाद वर्तमान स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय सामने आया है। प्रतिनिधिमंडल ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की जानकारी मिलते ही नाराजगी व्यक्त की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शुक्ल ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखना छात्रों का अधिकार है। मेडिकल कॉलेज परिसर में इस तरह की घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

घायल छात्रों के उपचार को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं होगा और आवश्यकता के अनुसार उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टाइपेंड बढ़ाने के फैसले को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की यह मांग पहले से ही सरकार के विचाराधीन थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस विषय पर लगातार संवाद कर रहे थे। अब वर्तमान स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बातचीत का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

सरकार के इस फैसले के बाद इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग पर समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने भी स्टाइपेंड में वृद्धि के निर्णय और सरकार की ओर से की गई पहल पर संतोष व्यक्त किया।

उप मुख्यमंत्री ने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करने से युवा चिकित्सकों को स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों को समझने और व्यापक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। सरकार डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सक समाज के लिए महत्वपूर्ण एसेट हैं। मरीज के इलाज में दवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ डॉक्टर का व्यवहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मरीज से संवेदनशीलता के साथ बातचीत करना और मुस्कुराकर उसका हौसला बढ़ाना भी उपचार का हिस्सा है।

शुक्ल ने युवा चिकित्सकों से उनके बॉन्ड की अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं देने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले चिकित्सकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अधिक जरूरत होती है।

बैठक में सरकार और डॉक्टर प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक माहौल में हुई चर्चा के बाद स्टाइपेंड वृद्धि, पुलिस कार्रवाई की जांच और घायल छात्रों के उपचार जैसे मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हुई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों को सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बधाई दी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।