इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दिखाई संवेदनशीलता, वाटर कैनन मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश
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डॉक्टरों के घायल होने की जानकारी मिलते ही लिया संज्ञान, पुलिस आयुक्त से चर्चा कर सभी पक्षों को सुनने के निर्देश
भोपाल। इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल और कुछ डॉक्टरों के घायल होने की जानकारी को उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार से चर्चा की और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस उपायुक्त जोन-2 विकास सहवाल को मामले की जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम, पुलिस की कार्रवाई और डॉक्टरों के घायल होने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेंगे। उन्हें सभी संबंधित पक्षों को सुनकर शीघ्र जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। डॉक्टरों की ओर से इस कार्रवाई में कुछ साथियों के घायल होने की बात सामने आई। घटना के बाद मामले को लेकर सवाल उठने लगे थे।
ऐसे में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने किसी एक पक्ष के आरोप या दावे को अंतिम मानने के बजाय पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए जांच कराने का निर्णय लिया है।
जांच अधिकारी अब प्रदर्शन के दौरान मौजूद परिस्थितियों, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की ओर से सामने रखे गए पक्ष की जानकारी जुटाएंगे। संबंधित अधिकारियों, डॉक्टरों और अन्य पक्षों से जानकारी लेने के बाद जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और किसी भी पक्ष की बात अनदेखी न हो। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाटर कैनन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया और पूरे घटनाक्रम में क्या स्थिति रही।
राजेंद्र शुक्ल के तत्काल हस्तक्षेप से डॉक्टरों के प्रदर्शन से जुड़े विवाद को शांतिपूर्ण और तथ्यात्मक तरीके से सुलझाने की पहल हुई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।