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ईपीएफओ की वेतन सीमा बढ़ी, हिमाचल के 96 हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ की उम्मीद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ईपीएफओ की वेतन सीमा बढ़ी, हिमाचल के 96 हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ की उम्मीद

शिमला: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है। नई सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी है। इससे 15 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों के ईपीएफ, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आने की संभावना बढ़ी है।

ईपीएफओ पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश क्षेत्र के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त राजीव बिष्ट ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि हिमाचल प्रदेश में 8,664 अंशदायी प्रतिष्ठानों में 3,36,759 अंशदायी सदस्य हैं। इनमें 96,244 सदस्य वर्तमान में 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर अंशदान कर रहे हैं और वेतन सीमा बढ़ने से इनके लाभान्वित होने की उम्मीद है।

राजीव बिष्ट ने नियोक्ताओं से पात्र कर्मचारियों का समय पर पंजीकरण और नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने विश्वास-2026, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 और एमनेस्टी-2026 की भी जानकारी दी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ईपीएफओ की वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है, जिससे 15-25 हजार के बीच वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अब ईपीएफ, पेंशन और बीमा योजनाओं में शामिल होने का मौका मिलेगा। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे लाखों श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तृत होता है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाएँ बेहतर होंगी। आम जनता पर इसका असर यह है कि अधिक कर्मचारी अपने वेतन का एक हिस्सा बचाकर भविष्य के लिए सुरक्षित रहेंगे और बीमा कवरेज स

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।