खेल

IPS बुशरा बानो के ट्रांसफर पर भड़के अजहरुद्दीन, कहा- 'अल्पसंख्यकों को...'

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
IPS बुशरा बानो के ट्रांसफर पर भड़के अजहरुद्दीन, कहा- 'अल्पसंख्यकों को...'

पश्चिम बंगाल में आईपीएस बुशरा बानो के ट्रांसफर को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. अब पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सवाल खड़े किए हैं.

उन्होंने कहा कि यह बेहद ही चिंताजनक है कि 'अस्सलाम वालेकुम' और 'इंशाल्लाह' कहने पर एक आईपीएस अधिकारी का तबादला कर दिया गया.

पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सांसद ने कहा कि जब अभिवादन किसी लोक सेवक को निशाना बनाने का आधार बन जाता है तो हमें यह सवाल पूछना चाहिए कि हम अल्पसंख्यकों को किस तरह का संदेश दे रहे हैं?

आगे कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है न कि पहचान पर नियंत्रण रखने में.

THIS IS DEEPLY CONCERNING

An IPS officer is reportedly transferred after a complaint over saying Assalamualaikum and Inshallah in an interaction with civil service aspirants.

When greetings become grounds for targeting a public servant, we must ask: what kind of message https://t.co/bqPSnM61Kn

Mohammed Azharuddin (@azharflicks) September 15, 2026

बीते दिनों हुआ था ट्रांसफर

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने बीते दिनों आईपीएस अफसर बुशरा बानों का ट्रांसफर किया था, जिनके वीडियो को लेकर हाल में विवाद देखने को मिला था.

यह ट्रांसफर उनके की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसकी काफी आलोचना हुई थी.

IPS डॉ.

बुशरा बानो पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के तौर पर काम कर रही थीं.

तबादले के बाद उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है.

बानो की जगह पार्थ घोष अब पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में नए एडिशनल SP का पद संभालेंगे.

बुशरा बानों

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

IPS बुशरा बानो के ट्रांसफर के विवाद में पश्चिम बंगाल की सरकार ने एक महिला IPS अधिकारी को ‘अस्सलाम वालेकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ कहने के कारण बदला। यह घटना अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति भेदभाव की संभावनाओं को उजागर करती है। पूर्व क्रिकेटर और सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस कदम को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए, जिससे यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सार्वजनिक सेवा में धार्मिक शिष्टाचार और समानता के सिद्धांतों पर प्रश्न उठाती है। आम जनता पर इसका असर यह हो

J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।