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ईरान को अमेरिका का नया झटका! 23 सितंबर से दुनियाभर में ईरानी फ्लाइट्स को बैन करने का लिया फैसला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ईरान को अमेरिका का नया झटका! 23 सितंबर से दुनियाभर में ईरानी फ्लाइट्स को बैन करने का लिया फैसला

US Iran War: अमेरिका ईरान के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब यह संघर्ष दो देशों से निकलकर पूरी दुनिया में अपने पांव पसार रहा है. अमेरिका ने ईरान को नई धमकी दी है.

अमेरिका ने दुनियाभर में ईरानी फ्लाइट्स को बैन करने की बात कही है.

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि बुधवार 23 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय यात्रा से प्रभावी रूप से बाहर किया जा सकता है, क्योंकि वाशिंगटन उन विदेशी कंपनियों के खिलाफ द्वितीयक प्रतिबंधों की धमकी दे रहा है जो ईरान की एयरलाइंस को सेवाएं प्रदान करना जारी रखती हैं.

Treasury Secretary Scott Bessent: every Iranian airline will be shut down worldwide starting September 23. "If they land, you cannot provide them with fuel, you cannot provide them with landing services, you cannot sell them tickets, or you will be knocked out of the dollar... — Open Source Intel (@Osint613) September 21, 2026 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्री बेसेंट ने सोमवार को कहा कि 23 सितंबर को दुनिया भर में सभी ईरानी एयरलाइंस बंद हो जाएंगी, क्योंकि ट्रम्प प्रशासन तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है.

यह चेतावनी केवल ईरानी एयरलाइंस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विदेशी हवाईअड्डों, ईंधन आपूर्तिकर्ताओं, टिकट कंपनियों और उन अन्य व्यवसायों को भी शामिल किया गया है जो इन एयरलाइनों के अंतरराष्ट्रीय परिचालन में सहयोग करते हैं.

यह भी पढ़ें: 'वैश्विक संकटों से निपटने के लिए आपसी सहयोग मजबूत करने की जरूरत', UNGA में बोले विदेश मंत्री जयशंकर दुनियाभर की कंपनियों को दी धमकी रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री बेसेंट ने कहा कि अगर कोई विमान ईरान में उतरता है, तो उसे ईंधन, लैंडिंग की सुविधा या टिकट उपलब्ध नहीं कराया जा सकता.

ऐसा करने पर संबंधित कंपनी या संस्था अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय व्यवस्था से बाहर हो सकती है.

यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है, जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए उसकी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और कारोबारी नेटवर्क तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश कर रहा है.

पहले भी लग चुका है बैन इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कुछ ऐसी ईरानी एयरलाइनों पर प्रतिबंध लगा दिए, जिन पर पहले कार्रवाई नहीं हुई थी.

इसके अलावा ईरान के विमानन क्षेत्र को मदद देने वाली विदेशों में स्थित कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए.

यह ताजा खतरा ट्रंप प्रशासन के उस व्यापक प्रतिबंध अभियान के बीच आया है जिसका उद्देश्य ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और वाणिज्यिक नेटवर्क तक पहुंच को सीमित करना है.

कई सालों से बैन का कर रहा सामना ईरान का विमानन उद्योग पहले से ही कई सालों से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है.

इन प्रतिबंधों की वजह से ईरानी एयरलाइनों के लिए नए विमान खरीदना और जरूरी विमान पुर्जे हासिल करना मुश्किल हो गया है.

साथ ही, विमानों की मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी सेवाएं मिलने में भी उन्हें परेशानी होती है.

ये नवीनतम उपाय ईरान की अर्थव्यवस्था को लक्षित करने वाले व्यापक अमेरिकी प्रतिबंध तंत्र का हिस्सा हैं, जिनमें ऊर्जा, जहाजरानी, प्रौद्योगिकी, सोना और डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र शामिल हैं.

द्वितीयक प्रतिबंधों के कारण प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं के साथ व्यापार करने वाले विदेशी व्यवसायों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक पहुंच में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: UNSC में भारत की दावेदारी को मिली रफ्तार, यूरोप के कई देशों ने किया स्थायी सदस्यता का समर्थन चीन से ट्रंप की बात के बाद आया फैसला बेसेंट का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक से पहले आया है.

इससे एक दिन पहले उन्होंने चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ बातचीत की थी. चीन ईरान का एक बड़ा आर्थिक साझेदार और महत्वपूर्ण राजनयिक समर्थक है.

ऐसे में ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पहुंच को सीमित करने की अमेरिकी कोशिशों में चीन का सहयोग अहम माना जा रहा है.

अल जजीरा के मुताबिक, बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी दबाव अभियान से जुड़ी बातचीत में चीनी अधिकारी काफी सक्रियता से हिस्सा ले रहे हैं.

उन्होंने बताया कि अमेरिका, चीन के वित्तीय अधिकारियों के साथ ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने और उनके पालन को लेकर सकारात्मक बातचीत कर रहा है.

बेसेंट ने कहा कि इस बातचीत में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर पैन गोंगशेंग समेत चीन के अन्य वित्तीय अधिकारी भी शामिल हैं.

📡 स्रोत: NewsData.io

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