ईरान ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर कराने वाला था हमला? प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने माना दोषी, दो नागरिकों पर लगाया बैन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
UK RAF Fairford Airbase: ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर हमले की साजिश के मामले में बड़ा कदम उठाया गया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने इस साजिश के लिए ईरान को दोषी माना है.
जबकि ब्रिटेने ने दो ईरानी नागरिकों को बैन भी कर दिया है. दूसरी तरफ ईरान लगातार इन आरोपों को खारिज कर रहा है.
ब्रिटेन ने आरोप लगाया है कि दक्षिणी इंग्लैंड में अमेरिकी सेना के इस्तेमाल वाले रॉयल एयर फोर्स (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस के खिलाफ कथित साजिश के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है.
ब्रिटिश सरकार ने इस मामले में कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में दो ईरानी नागरिकों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं.
हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और मामले की जांच में सहयोग करने की इच्छा जताई है.
अल जजीरा रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने सोमवार को संसद में कहा कि यह साजिश लगभग निश्चित रूप से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के निर्देश पर रची गई थी.
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अपनी धरती पर इस तरह के खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा.
सरकार ईरान से जुड़े आपराधिक नेटवर्क और उन्हें आर्थिक मदद देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन भविष्य में ईरान और IRGC की नुकसान पहुंचाने की क्षमता को सीमित करने के लिए और प्रतिबंध लगा सकता है. क्या है पूरा मामला?
दक्षिणी इंग्लैंड के फेयरफोर्ड एयरबेस के पास 27 सितंबर की सुबह 5 ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था. सभी की उम्र 20 साल के आसपास बताई गई.
उन्हें आतंकवाद और विस्फोटकों से जुड़े अपराधों के संदेह में हिरासत में लिया गया था.
पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों से जुड़ी तीन वैन में पेट्रोल मिला था, लेकिन कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ.
बाद में पांचों को बिना आरोप लगाए कड़ी शर्तों के साथ पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया. इसके बाद दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. इनमें एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक शामिल था. हालांकि, बाद में उन्हें भी रिहा कर दिया गया.
अब तक इस मामले में किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं. घटना के पीछे की वजह और कथित खतरे की वास्तविक प्रकृति अभी स्पष्ट नहीं है.
📡 स्रोत: NewsData.io