अब ईरान के खिलाफ ये कदम उठाएगा अमेरिका? उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने किया खुलासा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →Vice President JD Vance: अमेरिका ईरान के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. कई दिनों की शांति के बाद दोनों देशों के बीच सीधी जंग शुरू हो गई है. इसी बीच अमेरिका का नया बयान सामने आया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के खिलाफ मौजूद विकल्पों के बारे में बताया है. साथ ही होर्मुज को लेकर भी अमेरिका ने चिंता जताई है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा है कि ईरान से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन के पास कई विकल्प खुले हैं. इनमें आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक कदमों के साथ-साथ गुप्त तरीके से दबाव बनाने के विकल्प भी शामिल हैं.
वाशिंगटन डीसी में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान वैंस ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है. उन्होंने साफ किया कि प्रशासन ईरान को लेकर अपनी आगे की रणनीति सार्वजनिक नहीं करेगा. Vice President JD Vance on Iran: There are a lot of additional tools that we have at our disposal.
Some of those the President will use and some of them he won't, but I'm not going to advertise exactly how we're going to engage with the Iranians in the months and years to come... pic.twitter.com/z96DlT370c — Tabz (@TabzLIVE) September 3, 2026 अमेरिका क्यों नहीं कर रहा खुलासा?
वैंस ने कहा कि अगर अमेरिका पहले ही अपनी सभी योजनाओं का खुलासा कर देगा, तो इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फैसले लेने की क्षमता सीमित हो सकती है. उन्होंने कहा कि हमारे पास कई अतिरिक्त विकल्प मौजूद हैं. इनमें से कुछ का इस्तेमाल राष्ट्रपति करेंगे और कुछ का नहीं.
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति के पास आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और गुप्त दबाव समेत कई तरह के कदम उठाने के विकल्प मौजूद हैं. क्या है मकसद? वैंस ने आगे कहा कि अमेरिकी प्रशासन की रणनीति का एक मकसद बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट को रोकना भी है.
उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में अभी भी वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहा है. वैंस ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में इस तरह की गतिविधियां जारी रखता है, तो दुनिया को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है.
उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और तेल-गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए अमेरिकी सेना की कार्रवाई का बचाव किया. गुंजाइश बनाए रखनी की कही बात उपराष्ट्रपति वैंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई करनी है, इसका फैसला करने में पूरी आजादी रखना चाहता है.
उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि आने वाले महीनों में अमेरिका ईरान के खिलाफ कौन से कदम उठा सकता है. वैंस ने कहा कि अमेरिका अपनी पूरी रणनीति पहले से सार्वजनिक नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि अगर सरकार पहले ही बता दे कि वह क्या करने वाली है, तो इससे उसकी कार्रवाई की क्षमता प्रभावित हो सकती है.
वैंस ने कहा कि इन विकल्पों को तैयार रखने का एक कारण यह है कि कोई भी समझदार व्यक्ति लाखों अमेरिकियों के सामने खड़े होकर यह नहीं बताएगा कि सरकार वास्तव में क्या करने की योजना बना रही है.
वैंस का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच करीब सात महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने का कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है. हालांकि, ऐसी अटकलें भी हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध खत्म करने की घोषणा करने पर विचार कर सकते हैं.
📡 स्रोत: NewsData.io