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ईरान प्रतिबंध: रूस-चीन ने वीटो से रोका निगरानी प्रस्ताव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ईरान प्रतिबंध: रूस-चीन ने वीटो से रोका निगरानी प्रस्ताव

सितंबर 18, नई दिल्ली: ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की स्वतंत्र निगरानी से जुड़े प्रस्ताव को रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो कर दिया।

प्रस्ताव में ईरान पर लागू प्रतिबंधों की स्वतंत्र निगरानी के लिए विशेषज्ञ पैनल के कार्यादेश को बढ़ाने की मांग की गई थी। प्रस्ताव के पक्ष में सुरक्षा परिषद के 11 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि पाकिस्तान और सोमालिया मतदान से दूर रहे।

यह विशेषज्ञ पैनल ईरान पर लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन की निगरानी करने और इसकी रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को देने के लिए बनाया गया था।

हालांकि, पिछले एक साल से सुरक्षा परिषद पैनल के सदस्यों की नियुक्ति पर सहमति नहीं बना सकी थी। नियुक्ति के लिए परिषद के सभी सदस्यों की सहमति जरूरी होती है।

पिछले साल फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने ईरान पर 2015 के परमाणु समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इसके बाद ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध फिर से लागू किए गए।

ईरान लगातार परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश से इनकार करता रहा है।

अमेरिका ने रूस और चीन के वीटो पर कड़ी आपत्ति जताई। अमेरिका की उप राजदूत जेनिफर लोसेटा ने कहा कि स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल के बिना सुरक्षा परिषद के पास प्रतिबंधों के उल्लंघन की निष्पक्ष और तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग का प्रमुख स्रोत नहीं रहेगा।

अमेरिका के मुताबिक इससे प्रतिबंधों की निगरानी में बड़ा अंतर पैदा होगा।

वहीं, रूस और चीन ने पश्चिमी देशों पर सुरक्षा परिषद का इस्तेमाल राजनीतिक मुद्दों के लिए करने का आरोप लगाया।

(कैप्शन- फाइल फोटो)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।