ईरान का सर्विलांस जहाज देखते ही चढ़ा अमेरिका का पारा, मिसाइल से उड़ाया, देखें VIDEO
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने 6 अक्टूबर को ओमान की खाड़ी में ईरान से जुड़े एक जहाज को नष्ट कर दिया था.
अमेरिकी सेना का आरोप है कि यह जहाज अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों की निगरानी कर रहा था.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को सख्त कर रखा है.
दूसरी ओर, ईरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग के पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक अपनी नौसेना की नई तैनाती की घोषणा की है.
जहाजों की आवाजाही पर बढ़ खतरा समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर खतरा बढ़ गया है. अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर समुद्री गतिविधियों को लेकर आरोप लगा रहे हैं.
जहां अमेरिका अपनी कार्रवाई को अमेरिकी कर्मियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा से जोड़ रहा है, वहीं ईरान ने अपने सैन्य बलों के निर्देशों का पालन करने और उनसे समन्वय बनाने की अपील की है.
निगरानी कर रहा था ईरान से जुड़ा जहाजः अमेरिका अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में बताया कि अमेरिकी सेना ने 6 अक्टूबर को एक पारंपरिक छोटी नौका को नष्ट किया था.
अमेरिकी सेना के अनुसार, इस नौका का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना के जहाजों की निगरानी के लिए किया जा रहा था.
CENTCOM ने कहा कि नौका को नष्ट करने से पहले उसमें सवार चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया जारी है.
अमेरिकी कमांड ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर भी आरोप लगाया कि उसने पिछले सात महीनों में क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और अमेरिकी नौसेना के जहाजों को बार-बार निशाना बनाया है.
ईरान के आरोपों को अमेरिका ने बताया गलत अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) में ईरान के राजदूत के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना ईरानी नाविकों के खिलाफ धमकी भरी और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रही है.
ईरान की ओर से दावा किया गया था कि इससे नागरिक जहाजों के चालक दल पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ रहा है. CENTCOM ने इन आरोपों को गलत बताया.
अमेरिकी कमांड के मुताबिक, ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की जानकारी पेशेवर तरीके से दी गई है और इसका उद्देश्य तेहरान की गतिविधियों को सीमित करना है.
अमेरिकी सेना ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय सहयोगियों के समन्वित सुरक्षा इंतजामों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है.
ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात को हमलों, आवाजाही पर पाबंदियों और एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य अभियानों से जुड़े बढ़ते जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है.
होर्मुज के पूर्व में ईरान ने तैनात की नौसेना दूसरी ओर, ईरान की नौसेना ने मंगलवार को एक नए गठन के तहत अपनी परिचालन इकाइयों की तैनाती की घोषणा की.
यह तैनाती होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी से होते हुए अरब सागर तक फैली हुई है.
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस तैनाती का उद्देश्य समुद्री यातायात और उन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखना है, जिन्हें तेहरान अपने लिए शत्रुतापूर्ण मानता है.
ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में चलने वाले जहाजों से अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद नहीं करने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने को कहा है.
उसने जहाजों को सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय करने की भी सलाह दी है.
ट्रैकिंग सिस्टम बंद होने के दौरान टैंकर में लगी आग ईरान की नौसैनिक तैनाती की घोषणा से पहले एक टैंकर की पहचान की गई थी.
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह टैंकर प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था और उसने अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखे थे. इसी दौरान उसमें आग लग गई थी.
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में टैंकर में आग लगने के कारण और घटना से हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है.
ईरानी कमांडर ने अमेरिका को दी धमकी IRGC की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अली ओजमाई ने अमेरिकी सेना पर निशाना साधते हुए उसे ‘ईंधन तस्कर’ बताया.
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना और उसके विमानवाहक पोत ईरानी बलों की मारक क्षमता की सीमा के भीतर आने से बच रहे हैं.
ओजमाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले और सुरक्षित होने के अमेरिकी दावे को भी चुनौती दी.
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका को लगता है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उसका नियंत्रण है, तो उसे अपने सैन्य बलों को इसके और करीब लाना चाहिए.
ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, ओजमाई ने धमकी दी कि यदि अमेरिकी विमानवाहक पोत जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास आए, तो उन्हें डुबो दिया जाएगा.
समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों के अलग-अलग दावे अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना अमेरिकी कर्मियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रही है.
वहीं, ईरान का रुख है कि क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को उसके प्रतिबंधों का पालन करना चाहिए और अपनी आवाजाही के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय करना चाहिए.
📡 स्रोत: NewsData.io