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इसरो का नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 आज लॉन्च होगा:1999 में कारगिल जंग में अमेरिका ने मदद नहीं की, भारत ने अपना देशी GPS बना लिया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
इसरो का नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 आज लॉन्च होगा:1999 में कारगिल जंग में अमेरिका ने मदद नहीं की, भारत ने अपना देशी GPS बना लिया

ISRO आज अपना नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च करने जा रहा है। इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से GSLV-F18 रॉकेट के जरिए रात 11 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। इसे NavIC मिशन के तहत लॉन्च किया जाएगा। NavIC का पूरा नाम Navigation with Indian Constellation है। यह भारत की अपना क्षेत्रीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है, जिसे ISRO ने विकसित किया है। NavIC बनाने की जरूरत 1999 के कारगिल युद्ध के बाद महसूस हुई थी। उस समय भारत ने अमेरिकी GPS से सैन्य क्षेत्र की लोकेशन संबंधी जानकारी मांगी थी, लेकिन अमेरिका ने मना कर दिया थी। इसके बाद भारत ने अपना देशी जीपीएस तैयार किया। सवाल: NVS-03 सैटेलाइट क्या है?

जवाब: NVS-03 भारत की दूसरी पीढ़ी के NavIC सैटेलाइट्स की श्रृंखला का तीसरा सैटेलाइट है। इसे NavIC की सेवाओं को मजबूत करने और नई तकनीकी सुविधाएं जोड़ने के लिए विकसित किया गया है। सवाल: अब तक NavIC के कितने सैटेलाइट लॉन्च किए गए?

जवाब: 30 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, NavIC के लिए 11 सैटेलाइट लॉन्च किए जा चुके हैं। इनमें एक लॉन्च असफल रहा और एक सैटेलाइट तकनीकी समस्या के कारण नेविगेशन सेवा नहीं दे सका। NVS-03 का लॉन्च 30 अक्टूबर की रात निर्धारित है। सवाल: NVS-03 में क्या खास है?

जवाब: इसमें स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह L1, L5 और S बैंड पर सेवाएं देने में सक्षम होगा। L1 बैंड के जुड़ने से NavIC को सपोर्ट करने वाले उपकरणों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है। सवाल: आम लोगों को NavIC से क्या फायदा होगा?

सवाल: क्या NavIC GPS की जगह ले लेगा?

जवाब: नहीं। GPS पूरी दुनिया में काम करता है, जबकि NavIC भारत के आसपास 1500 किमी के क्षेत्र तक सीमित है। दोनों प्रणालियां एक साथ काम कर सकती हैं। NavIC का उद्देश्य GPS को हटाना नहीं, बल्कि विदेशी प्रणालियों पर भारत की निर्भरता कम करना है। सवाल: क्या हर मोबाइल में NavIC काम करेगा?

जवाब: नहीं। इसके लिए मोबाइल में NavIC और संबंधित फ्रीक्वेंसी बैंड का हार्डवेयर सपोर्ट होना जरूरी है। सभी स्मार्टफोन में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिन मोबाइल में NavIC सपोर्ट है, उनमें GPS के साथ इसके सिग्नल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ---------------------------

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

इसरो का नया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 आज लॉन्च होने जा रहा है, जो NavIC मिशन का हिस्सा है। यह भारत का अपना क्षेत्रीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है, जिसे 1999 के कारगिल युद्ध के बाद स्वनिर्भरता की आवश्यकता से विकसित किया गया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की तकनीकी स्वावलंबन और राष्ट्रीय सुरक्षा को दर्शाती है, साथ ही वैश्विक स्तर पर भारतीय सैटेलाइट क्षमताओं को बढ़ाती है। आम जनता के लिए इसका असर सटीक GPS सेवाओं, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, कृषि, दूरसंचार और आपदा प्रबंधन में बेहतर सटीकता के रूप में

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