देश

ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को दी जा रही हैं कई सुविधाएं: कर्नल चंद्रशेखर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को दी जा रही हैं कई सुविधाएं: कर्नल चंद्रशेखर

10 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है नया फीजियोथैरेपी सेंटर

अगस्त 15, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमीरपुर में संचालित किए जा रहे ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में विशेष प्रबंध किए गए हैं। ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के प्रभारी कर्नल (सेवानिवृत्त) चंद्रशेखर ने बताया कि लगभग साढे आठ कनाल क्षेत्र में स्थापित पॉलीक्लीनिक के परिसर में चिकित्सा सुविधाओं के अलावा सीएसडी कैंटीन और रक्षा मंत्रालय के नमन प्रोजेक्ट के तहत भूतपूर्व सैनिकों के पेंशन के मामलों के समाधान के लिए निशुल्क परामर्श केंद्र भी स्थापित किया गया है।

कर्नल चंद्रशेखर ने बताया कि पॉलीक्लीनिक में इस समय पांच डॉक्टर, दो डेंटल सर्जन और अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसकी लैब में भी कई टैस्टों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यहां हाल ही में लगभग दस लाख रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक फीजियोथैरेपी सेंटर भी स्थापित किया गया है।

इस फीजियोथैरेपी सेंटर में नवीनत्तम तकनीक की मशीनरी एवं अन्य व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया है। कर्नल चंद्रशेखर ने बताया कि बढ़ती उम्र की गई बीमारियों में दवाइयों से ज्यादा फीजियोथैरेपी ज्यादा कारगर साबित होती है। इसको देखते हुए पॉलीक्लीनिक में नया फीजियोथैरेपी सेंटर स्थापित किया गया है।

इसमें अब 15 से 20 मरीजों की एक साथ फीजियोथैरेपी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस पॉलीक्लीनिक के माध्यम से जिला हमीरपुर के लगभग 45 हजार भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं और यहां ओपीडी में मरीजों की रोजाना औसतन संख्या लगभग 400 रहती है। मरीजों के पंजीकरण से लेकर ओपीडी में जांच, लैब टैस्ट और फार्मेसी में दवाइयों के वितरण तक की पूरी व्यवस्था को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड किया गया है।

यानि इस पूरी प्रक्रिया को पेपरलैस बनाया गया है। कंप्यूटर में ईसीएचएस का कार्ड नंबर डालते ही मरीज का पूरा विवरण एक क्लिक पर ही उपलब्ध हो जाता है। कर्नल चंद्रशेखर ने बताया कि यहां भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधाओं के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी एक स्थान पर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है, जिसका सीधा लाभ हजारों भूतपूर्व सैनिक परिवारों को हो रहा है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।