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ISRO का निजीकरण नहीं हुआ, संस्था सरकारी ही है:चेयरमैन नारायणन बोले- कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान करेंगे, देश को हर साल 50 लॉन्च व्हीकल चाहिए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ISRO का निजीकरण नहीं हुआ, संस्था सरकारी ही है:चेयरमैन नारायणन बोले- कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान करेंगे, देश को हर साल 50 लॉन्च व्हीकल चाहिए

ISRO चेयरमैन वी.

नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी सरकारी संस्था है और इसका निजीकरण नहीं हुआ है। उन्होंने ISRO के कर्मचारियों की चिंताओं को जायज बताते हुए कहा कि उनका समाधान किया जाएगा। नारायणन बेंगलुरु स्पेस एक्सपो (BSX) के 9वें संस्करण के उद्घाटन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। नारायणन का बयान ISRO की 9 कर्मचारी संगठनों के 4 सितंबर को भेजे गए पत्र के बाद आया।

संगठनों ने ISRO के मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशनल कामों को प्राइवेट संस्थाओं को सौंपने के प्रस्ताव पर जवाब मांगा था। नारायणन ने कहा कि भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए हर साल करीब 50 लॉन्च व्हीकल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में अंतरिक्ष क्षेत्र और स्पेस इकोनॉमी को बढ़ाने के लिए ISRO प्राइवेट कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ काम कर रहा है।

देश में स्पेस इकोनॉमी को बढ़ाना जरूरी वी.

नारायणन ने कहा, ISRO का निजीकरण नहीं हुआ है और यह सरकारी संस्था है। हम सरकारी निवेश के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन अब हमारे सामने कई तरह के काम हैं। देश में स्पेस इकोसिस्टम और स्पेस इकोनॉमी को बढ़ाना जरूरी है। कर्मचारी एसोसिएशनों की ओर से उठाई गई चिंताओं पर उन्होंने कहा, मेरे साथियों की जो भी चिंताएं हैं, वे निश्चित रूप से जायज हैं।

उन्हें स्पष्ट करना हमारी जिम्मेदारी है। हम कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान करेंगे। 6 साल पहले लागू हुए स्पेस सेक्टर के सुधार नारायणन ने बताया कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम 64-65 साल पुराना है। इस समय देश के 56 स्पेस एसेट्स अंतरिक्ष में हैं, जो आम लोगों के काम आ रहे हैं। हालांकि, देश की जरूरत इससे कहीं ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि करीब 6 साल पहले स्पेस सेक्टर में सुधार लागू किए गए थे। उनके मुताबिक, इन सुधारों के तहत ISRO को प्राइवेट सेक्टर और स्टार्टअप कंपनियों को सहयोग देना और देश के स्पेस इकोसिस्टम को बढ़ाना है। हर साल 50 लॉन्च व्हीकल का लक्ष्य भारत की बढ़ती अंतरिक्ष जरूरतों पर नारायणन ने कहा, देश की जरूरत हर साल करीब 50 लॉन्च व्हीकल की है।

हमें आगे बढ़ना होगा। हर साल 50 लॉन्च की क्षमता हासिल करने की व्यवहारिकता पर उन्होंने अपने ISRO से जुड़ने के समय को याद किया। उन्होंने कहा कि 43 साल पहले, जब वे ISRO में आए थे, तब 3 साल में एक लॉन्च होता था। नारायणन ने कहा, अब बहुत सारी गतिविधियां चल

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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