जबलपुर- नर्मदा महोत्सव की तैयारियों को लेकर लोक निर्माण मंत्री की अध्यक्षता में बैठक संपन्न
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
बैठक में शरद पूर्णिमा पर 24 एवं 25 अक्टूबर को भेड़ाघाट में आयोजित किये जाने वाले नर्मदा महोत्सव की रूपरेखा पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि महोत्सव में भजन, सूफी, शास्त्रीय एवं सेमी-क्लासिकल संगीत को प्राथमिकता दी जाए और कलाकारों को कार्यक्रम की प्रकृति के बारे में पहले से जानकारी दी जाए।
लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने बैठक में भेड़ाघाट की मूल पहचान और प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखते हुए आयोजन स्थल की विद्युत से साज-सज्जा में केवल सफेद अथवा ऑफ-व्हाइट रंग का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकाश व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि संगमरमर की चट्टानों की प्राकृतिक सुंदरता दिखाई दे।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सिटी बसों, पार्कों, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं होटलों में प्रचार सामग्री लगाने, महोत्सव के दौरान फूड फेस्टिवल, स्थानीय व्यंजनों तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों को शामिल करने के सुझाव दिए गए। स्कूली विद्यार्थियों को पेंटिंग, रंगोली एवं अन्य गतिविधियों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
मंत्री श्री सिंह ने 15 दिन पहले से महोत्सव का प्रचार- प्रसार करने के निर्देश देते हुए महोत्सव में आने वाले आमजनों के लिए शहर से जाने वाली बसों के स्थान तय करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल से कार्यक्रम स्थल तक पर्यटकों और दर्शकों की सुविधा के लिए शटल वाहनों की व्यवस्था भी की जाए।
बैठक में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर कार्यक्रम स्थल, धुआंधार, मुख्य द्वार, पार्किंग एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई, समतलीकरण, पहुंच मार्ग की मरम्मत, गोताखोरों की व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
जबलपुर-नर्मदा महोत्सव की तैयारियों पर लोक निर्माण मंत्री के नेतृत्व में बैठक हुई। इस कार्यक्रम में शरद पूर्णिमा के दिन 24 और 25 अक्टूबर को भेड़ाघाट में भजन, सूफी, शास्त्रीय और सेमी‑क्लासिकल संगीत के कार्यक्रम आयोजित किये जाने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा कदम है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक रहेगा: लोग पारंपरिक संगीत का आनंद लेंगे, पर्यटन बढ़ेगा, और स्थानीय कलाकारों को मंच