जबलपुर- नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते से फिर जुड़े दाम्पत्य रिश्ते
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नेशनल लोक अदालत में एमजेसीआर में आवेदिका धंतीबाई, पति जितेन्द्र, निवासी जिला जबलपुर द्वारा अपने वैवाहिक विवाद के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में अनावेदक के रूप में उनके पति जितेन्द्र उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश श्रीमती रेणू खेस द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। आपसी संवाद और पारिवारिक सहयोग से पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद दूर हुए।
चर्चा के दौरान दोनों ने पुराने विवादों को भुलाकर पुनः साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। पति ने अपनी पत्नी धंतीबाई को सम्मानपूर्वक अपने साथ वैवाहिक गृह ले जाने की सहमति दी, वहीं आवेदिका ने भी अपनी स्वेच्छा से पति के साथ दाम्पत्य जीवन पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया।
आपसी सहमति और विश्वास के साथ हुए इस समझौते से दोनों परिवारों में खुशी का वातावरण निर्मित हुआ। पक्षकारों ने भविष्य में प्रेम, सम्मान और सौहार्द के साथ वैवाहिक जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया। इस प्रकार आपसी राजीनामे और समझौते के आधार पर प्रकरण का सौहार्दपूर्ण निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत में एक अन्य वैवाहिक विवाद का भी सुखद समाधान हुआ। जिला न्यायालय जबलपुर में पिछले लगभग 6 वर्ष से अलग रह रहे पति सोहन एवं पत्नी प्रीति ने आपसी मनमुटाव भुलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक विवाद के कारण दोनों के दाम्पत्य जीवन में गतिरोध उत्पन्न हो गया था, लेकिन न्यायालय द्वारा दी गई समझाइश, पारिवारिक सहयोग और आपसी संवाद के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच पुनः विश्वास एवं स्नेह का वातावरण निर्मित हुआ।
इसके उपरांत पति-पत्नी ने न्यायालय कक्ष में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ रहने, एक-दूसरे का सम्मान करने तथा सुख-दुःख में साथ निभाने का संकल्प लिया। इस भावुक और सुखद क्षण के साक्षी न्यायाधीश दीपा पॉल, दोनों पक्षों के परिजन, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन स्टाफ रहे। पति-पत्नी के पुनर्मिलन से न्यायालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और नेशनल लोक अदालत का उद्देश्य आपसी समझौते एवं सौहार्द के माध्यम से विवादों का समाधान सार्थक होता दिखाई दिया।