जबलपुर- 6 वर्ष पहले शुरू किए फूड प्रोसेसिंग इकाई ने हासिल किया बढ़ा मुकाम, आज है 3.5 करोड़ रुपए का कारोबार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
किसानों की कृषि उपज को उचित मूल्य दिलाने और सब्जियों की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से उन्होंने जबलपुर के उमरिया डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र, चरगवां में वर्ष 2021-22 में वाम एग्रो प्रोसेसिंग इकाई की स्थापना की। इसके पहले उन्होंने वर्ष 2018 में पुणे में पेंस एसोसिएट नाम से कंसल्टेशन फर्म शुरू कर पुणे, महाराष्ट्र, गुजरात और बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि, एग्रीबिजनेस और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी जुटाई। महज दो हजार रुपए से शुरू हुआ उनका व्यवसाय आज लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंच गया है।
पल्लवी पटेल ने बताया कि किसी के अधीनस्थ कार्य में हम केवल एक रोबोट बनकर रह जाते है, इसी सोच के बाद उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। पल्लवी ने वर्ष 2018 में पुणे, महाराष्ट्र, गुजरात और बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि, एग्रीबिजनेस और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का अध्ययन किया। प्रदेश में किसानों को सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिलने और कम कीमत पर उपज बेचने की मजबूरी को देखते हुए उन्होंने जबलपुर में फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने की योजना बनाई।
इस कार्य में उन्हें डिहाइड्रेशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञ मार्डीकर का मार्गदर्शन मिला। उनके सहयोग से पल्लवी ने शुरुआत में 100 वर्गफीट की किराए की जगह पर काम शुरू किया। स्थानीय स्तर पर कृषि उपज की उपलब्धता और प्रोसेसिंग की संभावनाओं को समझते हुए उन्होंने धीरे-धीरे कारोबार का विस्तार किया। आज उनकी इकाई 33 हजार वर्गफीट क्षेत्र में संचालित हो रही है। यहां तैयार उत्पादों की आपूर्ति देश की कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ विदेशों में भी की जा रही है।
उद्योग के विस्तार में शासन की योजनाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से पल्लवी को एमएसएमई प्रोत्साहन से 48 लाख रूपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा उन्होंने स्वयं भी निवेश किया और उद्योग का विस्तार किया।
वर्तमान में वाम एग्रो प्रोसेसिंग के माध्यम से 25 से 30 लोगों को रोजगार मिल रहा है। पल्लवी का कहना है कि प्रदेश में कृषि उपज की पर्याप्त उपलब्धता है। यदि स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा मिले तो किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
पल्लवी पटेल ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शहपुरा विकासखंड के चरगंवा में संपन्न हुए उद्यम संवाद कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अपनी खाद्य प्रणसंस्करण इकाई से आजीविका मिशन के महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।