राजनीति

जहां कभी बंदूक थी, वहां बंधा रिश्तों का धागा..

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जहां कभी बंदूक थी, वहां बंधा रिश्तों का धागा..

रायपुर : कलाई आगे बढ़ी तो कुछ पल के लिए जैसे समय ठहर गया। सामने सुरक्षा बल का जवान था और हाथ में राखी लिए खड़ी थी वह महिला, जिसकी...

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