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ज़िला ऊना में किसान रजिस्ट्री को गति देने के लिए चलाया जा रहा व्यापक जागरूकता अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ज़िला ऊना में किसान रजिस्ट्री को गति देने के लिए चलाया जा रहा व्यापक जागरूकता अभियान

अक्तूबर 3, ऊना : डिजिटल कृषि क्रांति को बढ़ावा देने और किसानों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए जिला ऊना में 'एग्रीस्टैक मिशन' के तहत किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले के सभी किसानों से अपना पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि प्रत्येक किसान की एक सत्यापित डिजिटल पहचान तैयार की जा सके।

उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि किसान रजिस्ट्री के अंतर्गत किसानों को 11 अंकों की विशिष्ट 'किसान आईडी' प्रदान की जा रही है। यह डिजिटल आईडी किसानों के लिए विभिन्न कृषि-केंद्रित सेवाओं और सरकारी योजनाओं का सुगम, पारदर्शी और निर्बाध लाभ उठाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।इससे किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि का निर्बाध और पारदर्शी लाभ, उर्वरक (खाद) बिक्री व्यवस्था के तहत खाद की पारदर्शी एवं सुलभ उपलब्धता, खरीद पोर्टल के माध्यम से फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री सहित अन्य लाभ शामिल हैं।

उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिला ऊना में कृषि विभाग द्वारा सितंबर माह में 50 से अधिक विशेष शिविरों का आयोजन कर किसानों का ऑन-स्पॉट पंजीकरण किया गया है। वर्तमान में जिले ने निर्धारित लक्ष्य का लगभग 46% हासिल कर लिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान आईडी न होने के कारण ऊना जिला का कोई भी किसान किसी भी सरकारी योजना या सेवा के लाभ से वंचित न रहे।

उपायुक्त ने बताया कि किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक और सभी ग्राम स्तरीय उद्यमियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उप निदेशक कृषि ऊना प्रेम सिंह ने बताया कि एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिला ऊना के 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।

डिजिटल रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान मिल रही है, जिससे सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल विवरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

प्रत्येक पंजीकृत किसान को आधार आधारित 11 अंकों की विशिष्ट यूनीक फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जो भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं, दस्तावेजों के सत्यापन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में उपयोगी होगी। उन्होंने जिले के सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी सीएससी सेंटर या आयोजित होने वाले विशेष शिविरों में जाकर अपनी किसान आईडी अवश्य बनवाएं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।