जैसलमेर में वन्यजीव सप्ताह का आगाज
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गोडावण और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण पर जोर, ‘वन्यजीव आवासों को जोड़ना, समृद्ध वन्यजीव’ है इस वर्ष की थीम
जैसलमेर, 2 अक्टूबर। जैसलमेर में 72वें वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता के संदेश के साथ हुई। वन्यजीव सप्ताह के तहत बुधवार को गड़ीसर सर्किल से हनुमान चौराहे तक प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। इसमें वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स एवं आमजन ने भाग लिया।
प्रभात फेरी के दौरान प्रतिभागियों ने वन्यजीव संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा से जुड़े संदेशों एवं नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया। विद्यार्थियों ने जैसलमेर की पहचान गोडावण सहित क्षेत्र के अन्य वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
उप वन संरक्षक वन्यजीव जैसलमेर चंद्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों में संभाषण, चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के साथ विद्यार्थियों का सुदासरी क्षेत्र का भ्रमण भी कराया जाएगा।
सहायक वन संरक्षक, राष्ट्रीय मरु उद्यान, अशोक सिंह ने बताया कि इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम ‘वन्यजीव आवासों को जोड़ना, समृद्ध वन्यजीव’ रखी गई है। उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए केवल संरक्षित क्षेत्रों की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि अलग-अलग वन्यजीव आवासों के बीच सुरक्षित संपर्क बनाए रखना भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग वन्यजीव आवासों के बीच वन्यजीवों की आवाजाही को सुगम बनाने वाले प्राकृतिक अथवा प्रबंधित क्षेत्रों को वन्यजीव गलियारा कहा जाता है। ऐसे गलियारे वन्यजीवों को भोजन, पानी और प्रजनन क्षेत्रों तक पहुंचने में सहायता करते हैं तथा अलग-अलग आबादियों के बीच आनुवंशिक विविधता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आवासों के बीच संपर्क बनाए रखना मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और दीर्घकालीन संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जैसलमेर के मरुस्थलीय क्षेत्र में वन्यजीव और उनके प्राकृतिक आवास स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वन्यजीव सप्ताह के माध्यम से संरक्षण गतिविधियों के साथ आमजन, विशेषकर नई पीढ़ी को प्रकृति और वन्यजीवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एनसीसी कैडेट्स एवं विद्यार्थियों ने प्रभात फेरी और नारों के माध्यम से लोगों से वन्यजीवों तथा उनके आवासों की सुरक्षा में सहभागी बनने का आह्वान किया।
बाइट - 1 छोटू सिंह भाटी, विधायक
बाइट - 2 चंद्रपाल सिंह, DCF -DNP
बाइट - 3 अशोक सिंह, ACF DNP